स्तनों में दूध कम आने के क्या कारण हो सकते हैं

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नवजात शिशु पोषण के लिए पूरी तरह स्तनपान द्वारा शरीर में पहुंचने वाले दूध पर निर्भर करता है। लेकिन कई बार मां के स्तनों में पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं आ पाता है जिससे शिशु अक्सर भूखा रह जाता है और उसके शरीर में पोषण की कमी हो जाती है। इतना ही नहीं दूध की कमी के कारण शिशु को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। माता के स्तनों में पर्याप्त मात्रा में दूध ना आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी उनके स्तनों में दूध नहीं आता है। आइए जानते हैं कि स्तनों में कम दूध आने का क्या कारण हो सकता है। [ये भी पढ़ें: यौन स्वास्थ्य के संकेत जो महिलाओं को अनदेखा नहीं करना चाहिए]

1. हार्मोन्स बैलेंस ना होना- बहुत बार हार्मोन्स बैलेंस ना होने के कारण गर्भावस्था के दौरान और बाद में भी बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं। थाइरॉइड, पीसीओएस के कारण पैदा हार्मोन असंतुलन के कारण स्तनों में दूध की मात्रा कम हो जाती है।

2. स्तनों का अविकसित होना- जब महिलाओं के स्तनों में दूध पैदा करने वाली कोशिकाएं और नलियां विकसित नहीं हो पाती हैं तो इससे भी माताओं के स्तनों में दूध का उत्पादन कम हो जाता है। हालांकि यह समस्या स्तनों को पंप करके या दवाओं के सेवन से कम की जा सकती है। [ये भी पढ़ें: संकेत जो बताते हैं कि आपकी वेजाइना स्वस्थ है]

3. गर्भनिरोधक दवाओं के कारण- गर्भनिरोधक दवाएं स्तनों में प्राकृतिक रुप से दूध बनने से रोकती है। ये हार्मोन्स के उत्सर्जन को रोकती है जिससे शरीर पर कई तरह के दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इसलिए डॉक्टर शिशु के जन्म के 6 महीने बाद तक गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन नहीं करने देते हैं।

4. रात को दूध ना पिलाना- अगर आपका शिशु रात को स्तनपान नहीं करता है तो यह धीरे-धीरे आपके स्तनों में दूध के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। इससे आपके स्तनों में दूध की मात्रा कम हो जाती है । रात में शरीर में प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक होता है जो कि स्तनों को अधिक दूध पैदा करने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए रात को स्तनपान जरुर करवाना चाहिए।

5. दूध पिलाने का समय- डिलीवरी के बाद ही माताओं के स्तनों में शिशु के लिए दूध पैदा होने लगता है और इसी कारण स्तन लगातार दूध पैदा करने का संकेत प्राप्त करते हैं। लेकिन अगर आप बराबर समयान्तराल में शिशु को दूध नहीं पिलाती तो आपके स्तनों के टिशू में सूजन पैदा हो जाती है। स्तनों में सूजन बढ़ने से दूध पैदा होना कम हो जाता है जो स्तनों में दूध की कमी का कारण हो सकता है। [ये भी पढ़ें: पीरियड्स के दौरान होने वाले माइग्रेन के बारे में कितना जानते हैं आप]

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