उम्र के साथ वेजाइना में क्या बदलाव आते हैं

Read in English
What are the changes vagina face as you age

जैसे हमारी उम्र बढ़ती है वैसे ही हमारा शरीर भी बदलता रहता है। यहां तक कि शरीर के बाकी अंगों की तरह आपकी वेजाइना भी बदलावों का सामना करती है। हालांकि, उम्र के बावजूद हर महिला के लिए वेजाइना को स्वस्थ बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। किशोरावस्था के दौरान आपकी वेजाइना जिस स्थिति में होती है, आपके 40 साल के दौर में यह बिल्कुल वैसी नहीं रहती। यौवन से लेकर मासिक धर्म चक्र, यौन सम्बन्ध, गर्भावस्था, प्रसव और मेनोपॉज तक वेजाइना कई बदलावों से गुजरती हैं। योनि में परिवर्तन लाने के लिए कई कारण जिम्मेदार होते हैं। इसलिए हर महिला को योनि का ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि हम अपने शरीर के सभी अंगों का ख्याल रखते हैं। आइए जानते हैं उम्र के साथ वेजाइना में क्या बदलाव आते हैं। [ये भी पढ़ें: हर्ब्स जो ब्रेस्ट साइज बढ़ाने में मदद करते हैं]

गर्भ निरोधक गोलियां वेजाइना को ड्राइ कर देती हैं
हम सभी जानते हैं कि वेजाइना में खुद को साफ रखने की प्रवृत्ति होती है। प्राकृतिक लुब्रिकेंट्स वेजाइना को लुब्रिकेटेड रखते हैं। हालांकि, एक बार जब हम गर्भनिरोधक गोलियां का सेवन करना शुरु कर देते हैं, तो हमारी इस कारण वेजाइना ड्राई होने लगती है। ये गोलियां हार्मोन की प्राकृतिक प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं और शरीर में बहुत बदलाव लाती है।

डिलीवरी के कारण वेजाइना फैल जाती है
गर्भावस्था के दौरान वेजाइना में होने वाले विभिन्न हार्मोनल परिवर्तनों के अलावा, वेजाइना के माध्यम से प्रसव होने पर भी बदलाव होते हैं। बच्चे के जन्म के बाद डिलीवरी के कारण वेजाइना की मांसपेशियों में काफी हद तक खिंचाव होता है और इसे सामान्य होने में बहुत समय लगता है। ऐसे कुछ बदलाव भी होते हैं जो कि डिलीवरी के बाद पहले जैसे नहीं किए जा सकते हैं। [ये भी पढ़ें: वर्कआउट जो आप पीरियड्स के दौरान कर सकती है]

हेयर रिमूवल क्रीम का अधिक इस्तेमाल
रेज़र की मदद से शेव, हेयर रिमूवल क्रीम, या लेज़र ट्रीटमेंट की मदद से हेयर रिमूव करने के कारण भी आपकी वेजाइना में कई तरह के बदलाव आते हैं। इन हेयर रिमूवल तकनीकों के अधिक इस्तेमाल से उम्र के साथ आपकी वेजाइना की त्वचा में हाइपरपिगमेंटेशन और डार्कनेस जैसे बदलाव हो सकते हैं।

गर्भावस्था के कारण वेरिकोस वेंस की समस्या
जब आप गर्भावस्था के दौर में होती है तो आपके शरीर में रक्त का संचार
कभी-कभी प्रतिबंधित हो जाता है क्योंकि कमजोर नसों में रक्त का संचार धीमा हो जाता है। कुछ मामलों में इससे दर्द होता है लेकिन कुछ मामलों में यह आपकी वेजाइना में स्ट्रेच और दर्द का कारण बन सकता है। हालांकि यह डिलीवरी के बाद सही हो जाता है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।

मेनोपॉज के कारण वेजाइनल ड्राइनेस
जब आप अपने मेनोपॉज तक पहुंचती हैं, तो आपके शरीर में बड़े परिवर्तन आते हैं। इस दौरान एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट के कारण वेजाइना में सूखापन की समस्या बढ़ जाती है। यह यौन संबंधों को कम सुखद बना देता है। वेजाइना के टिशू कम इलास्टिक हो जाते हैं और इसके कारण आपको अधिक दर्द महसूस होता हैं। [ये भी पढ़ें: यीस्ट इंफेक्शन से जुड़े मिथक जिनसे महिलाएं हैं अनजान]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "