गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट सेंसटिविटी से कैसे निजात पाएं

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ways to get rid of breast sensitivity during pregnancy

आम तौर पर, हार्मोनल परिवर्तन के कारण गर्भवती महिलाओं को ब्रेस्ट में दर्द होने की शिकायत होती है। इसके अलावा ब्रेस्ट में सूजन भी हो सकती है। ब्रेस्ट सेंसटिविटी गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षणों में से एक है जिसके कारण आपको काफी परेशानी हो सकती है। हालांकि यह प्रसव के बाद कम हो जाती है, लेकिन आपके ये 9 महीने काफी परेशान कर सकते हैं। इस दौरान दर्द इतना अधिक होता है कि आप ब्रेस्ट को छू भी नहीं पाती हैं। यह दिन-प्रतिदिन के कामों को भी बाधित कर सकता है। कुछ महिलाओं को पीरीयड्स के दौरान भी इस तरह की ब्रेस्ट सेंसटिविटी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान, यह काफी गंभीर है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके स्तन स्तनपान के लिए खुद को तैयार कर रहे होते हैं। आइए जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट सेंसटिविटी से कैसे निजात पाएं। [ये भी पढ़ें: संकेत जो बताते हैं कि आपकी वेजाइना स्वस्थ है]

सपोर्टिंग ब्रा पहनें
गर्भावस्था के दौरान हमेशा वही ब्रा पहनने की सलाह दी जाती है जो आपके ब्रेस्ट को पूरी तरह सपोर्ट दे। यह आपको आरामदायक महसूस करने में मदद करेगा साथ ही दर्द और सूजन को कम करेगा। ध्यान रखें कि ब्रा का फैब्रिक नरम हो और स्तनों के चारों ओर की त्वचा को प्रभावित ना करें। अंडरवायर ब्रा ना पहनें, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान स्तन का आकार बदलता रहता है।

पानी की सही मात्रा का सेवन करें
शरीर में पानी इकट्ठा हो जाने के कारण भी ब्रेस्ट सेंसटिविटी बढ़ जाती है। शरीर से अतिरिक्त तरल को निकालने के लिए बहुत सारा पानी पिएं। दर्द को कम करने के लिए आप नींबू पानी भी पी सकती हैं, क्योंकि नींबू शरीर में सूजन को कम करने में मदद करता है। [ये भी पढ़ें: वेजाइना को साफ रखने का सही तरीका]

संतुलित और पोषित आहार लें
गर्भवती महिला को पोषित आहार लेना चाहिए। शरीर में सभी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा स्तनों में सूजन को कम करने में मदद करती है। स्तनों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और फल खाएं।

गर्म सिंकाई
शरीर में रक्त का सही संचार होने से स्तन में दर्द नहीं होता। इसलिए, आप गर्म कपड़े या गर्म पानी की बोतल से सिंकाई कर सकती हैं। यह आपको तुरंत राहत पाने में मदद करेगा।

फ्लैक्ससीड्स खाएं
फ्लैक्ससीड्स स्तनों की कोमलता और संवेदनशीलता को कम करने में मदद करते हैं। फाइबर युक्त होने के कारण, यह कब्ज की समस्या को कम करने में भी मदद करते हैं। आप इन्हें अपनी सलाद, दही या जूस में मिलाकर खा सकती हैं। [ये भी पढ़ें: स्तनों में दूध कम आने के क्या कारण हो सकते हैं]

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