फर्टिलिटी से संबंधित बातें जो हर महिला को पता होनी चाहिए

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things women should know about fertility

महिलाओं के जीवन का कुछ समय गर्भधारण करने में व्यतीत हो जाता है। लेकिन फर्टिलिटी शुक्राणु के अंडे से मिलने से ज्यादा होती है। महिलाओं के प्रजनन सिस्टम सिर्फ शरीर का एक भाग नहीं होता है बल्कि यह आपके शरीर में हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद करता है जो सिर से लेकर पैर तक प्रभावित करता है। फर्टिलिटी आपके स्वास्थ्य और मासिक साइकल को जोड़ती है। तो आइए आपको फर्टिलिटी से संबंधित कुछ बातों के बारे में बताते हैं जो महिलाओं को पता होने चाहिए। [ये भी पढ़ें: वेजाइनल बंप्स के प्रकार जिनके बारे में महिलाओं को जानना चाहिए]

आपका वजन ठीक होना चाहिए: महिलाओं को वजन की वजह से फर्टिलिटी संबंधित समस्याएं होती हैं। आपके शरीर का फैट एस्ट्रोजन का उत्पादन करता है। हद से ज्यादा वजन होना और वजन कम होने की वजह से एस्ट्रोजन के लेवल में बढ़ोत्तरी और कमी होती है। जो सामान्य ओव्यूलेशन में हस्तक्षेप करता है।

गर्भनिरोधक गोलियां कैसे प्रभावित करती हैं: गर्भनिरोधक गोलियां भविष्य में आपकी फर्टिलिटी को प्रभावित नहीं करती है। जब आप गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं तो आप ओव्यूलेट नहीं करती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की यह अत्यधिक अंडों को नष्ट कर दे। समय के साथ आपके एग की संख्या अपने आप कम होती जाती है। अगर आपको एंडोमेट्रियोसिस जैसी कोई मेडिकल कंडीशन है तो इन गोलियों का सेवन आपकी फर्टिलिटी को बढ़ाने में मदद करती है। [ये भी पढ़ें: अंडरवियर ना पहनकर सोने से होते हैं हैरान करने वाले फायदे]

एक्सरसाइज का भी प्रभाव पड़ता है: वर्कआउट करने से आपकी फर्टिलिटी में सुधार होता है। महिलाओं के एरोबिक्स, रनिंग जैसी एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है। इंटेंस वर्कआउट करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपके शरीर की गतिविधियों और ऊर्जा में कमी होती है। जिसकी वजह से प्रजनन कार्यों में असर पड़ता है।

मेनोपॉज का समय जेनिटिक हो सकता है: अगर आपकी मां को मेनोपॉज समय से पहले या उससे जल्दी होता है तो संभावना हो सकती है कि आपका मेनोपॉज का समय उनकी तरह जल्दी या लेट हो। जिन महिलाओं की मां को 45 वर्ष की उम्र से पहले मेनोपॉज हो जाते हैं उनके शरीर में एएमएच का लेवल 55 वर्ष तक भी मेनोपॉज ना होने से वाली महिलाओं से कम होता है। फर्टिलिटी जीन्स से लिंक होती है। फाइब्रॉएड और एंडोमेट्रियोसिस जैसी कुछ समस्याएं जेनेटिक हो सकती है।

आईयूडी फर्टिलिटी को प्रभावित नहीं करता है: आईयूडी आपकी फर्टिलिटी को नकारात्मक रुप से प्रभावित नहीं करता है। आप आईयूडी के साथ भी ओव्यूलेट कर सकती हैं लेकिन यह डिवाइस आपके गर्भाशय को अंडे के निषेचित होने के लिए असत्कारशील बनाती है। लेकिन जब यह शरीर से बाहर आती है तो आप सामान्य हो जाती है। [ये भी पढ़ें: वेजाइना को स्वस्थ रखने के लिए खाद्य पदार्थ]

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