महिलाओं में वजन बढ़ाने वाले कौन से हार्मोन होते हैं

these hormones is responsible for weight gain in women

महिलाओं के लिए वजन कम करना मुश्किल काम है क्योंकि इसके लिए बहुत कड़ी मेहनत और अनुशासन की आवश्यकता होती है, जो कि घर के कामकाज में दिनभर व्यस्त रहने के कारण वो नहीं कर पाती। साथ ही महिलाओं के शरीर की संरचना पुरुषों से अलग होती हैं, जिसमें कुछ हार्मोन का संतुलन बिगड़ने की वजह से वजन बढ़ने लगता है। हार्मोन महिलाओं के शरीर में मेटाबॉलिज्म, सूजन और मासिक धर्म की क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। जिनमे असंतुलन होने की वजह से आपके शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ने लगते हैं। आइए महिलाओं के शरीर का वजन बढ़ने के लिए जिम्मेदार कुछ हार्मोन के बारे में जानते हैं। [ये भी पढ़ें: कुछ वेजाइनल कंडीशन जिनके बारे में महिलाओं को होनी चाहिए जानकारी]

1.थायरॉइड: आपके गले में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि तीन हार्मोन टी 3, टी 4, और कैल्सीटोनिन पैदा करता है। ये हार्मोन चयापचय, हृदय गति और मस्तिष्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कभी-कभी ग्रंथि थायरॉइड हार्मोन को अत्यधिक मात्रा में बनाना शुरु कर देती है, जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। हाइपोथायरायडिज्म ग्लूटेन असहनशीलता, कुपोषण और विषाक्त पदार्थों के कारण होता है। यह हाइपोडायरायडिज्म वजन से संबंधित है। इससे जल संचय होता है जो आपको मोटा बनाता है।

2.इंसुलिन: ये हार्मोन कोशिकाओं तक ग्लूकोज को पहुंचाता है। कोशिकाएं इसे ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करती हैं या उन्हें वसा के रूप में बचा लेती हैं। इंसुलिन हार्मोन खून में शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित रखता है। लेकिन अस्वस्थ्य आहर और अल्कोहल के सेवन से इंसुलिन का उत्पादन बाधित होता है। जिसकी वजह से कोशिकाएं खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित नहीं कर पाती और इसके बढ़ने से वजन बढ़ने लगता है। [ये भी पढ़ें: पीरियड्स ब्लीडिंग और स्पॉटिंग है अलग, कैसे जाने फर्क]

3.घ्रेलिन: घ्रेलिन एक प्रसिद्ध हंगर हार्मोन है, जो आपकी भूख बढ़ाने और शरीर में फैट्स की मात्रा को जमा करने का कार्य करता है। शरीर में घ्रेलिन हार्मोन की मात्रा बढ़ने की वजह से शरीर का वजन बढ़ जाता है।

4.टेस्टोस्टेरोन: टेस्टोस्टेरोन शरीर में फैट्स बर्न और हड्डियों को मजबूती देने का कार्य करता है। महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ इस हार्मोन की मात्रा कम होती रहती है। इस हार्मोन की मात्रा कम होने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जिनसे शरीर का फैट बढ़ता है। [ये भी पढ़ें: पीरियड्स के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही है तो कैसे करें उपचार]

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