टैम्पोन्स हाइजीन नियम जो हर महिला को पता होना चाहिए

Tampons Hygiene Rule That Every Women Should Know

पीरियड्स के दौरान टैम्पोन्स का इस्तेमाल करना सामान्य बात है। लेकिन टैम्पोन्स के सही इस्तेमाल का पता होना बहुत आवश्यक होता है, वरना इसके शरीर पर दुष्प्रभाव भी पड़ सकते हैं। अगर इसका इस्तेमाल सही ढंग से नहीं किया जाएगा तो बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन होने का खतरा हो सकता है, जिसके कारण कई बीमारी भी हो सकती है। यह रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट को डैमेज कर सकता है और इंफेक्शन को भी बढ़ा सकता है। इसलिए जो महिलाएं टैम्पोन्स का इस्तेमाल करती हैं उन्हें इसके सही हाइजीनिक नियमों का पता होना जरूरी होता है। आइए उन नियमों के बारे में जानते हैं। [ये भी पढ़ें: महिलाओं को रात में पसीना आने के पीछे हो सकते हैं ये कारण]

कम अवशोषण करने वाले टैम्पोन्स का इस्तेमाल करें: पीरियड्स के दौरान अगर शून का अधिक स्त्राव होता है तो महिलाएं ज्यादा अवशोषण करने वाले टैम्पोन्स का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि यह पीरियड्स के खून को अधिक अवशोषित करता है। इस वजह से महिलाएं इसका इस्तेमाल करती हैं ताकि बार-बार टैम्पोन्स को ना बदलना पड़ें। यह इंफेक्शन होने का एक बहुत बड़ा कारण होता है। इसलिए कम अवशोषण करने वाले टैम्पोन्स का इस्तेमाल करें, ताकि आप इसे हर थोड़ी देर पर बदलते रहें, इससे इंफेक्शन होने का खतरा कम हो सकता है।

हाथ को अच्छी तरह धोएं:
Tampons Hygiene Rule That Every Women Should Knowटैम्पोन्स को लगाते या निकालते वक्त हाथों को अच्छी तरह जरूर धो लें क्योंकि आपके हाथ में बहुत किटाणु होते हैं जो टैम्पोन्स के साथ आपके अंदर चले जाएं और आपको इंफेक्टेड कर देंगे। इसलिए किसी भी अच्छे हैंड वॉश से अपने हाथ जरूर धो लें। [ये भी पढ़ें: समय से पहले मेनोपॉज होने के क्या कारण होते हैं]

4 से 8 घंटे के अंतराल पर इसे बदलें: टैम्पोन्स को हर 4 से 8 घंटे के अंतराल में बदलते रहना आवश्यक होता है। इससे आप कई शारीरिक समस्याओं से बच सकते हैं। इसके अलावा अगर सही समय पर टैम्पोन्स को बदलते हैं तो आपको बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन होने का खतरा भी कम हो सकता है।

सेंटेड टैम्पोन्स का इस्तेमाल ना करें:
सेंटेड टैम्पोन्स में कई प्रकार के केमिकल, ब्लीच और पेस्टीसाइड्स होते हैं जो बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन को बढ़ा सकते हैं और आपके लिए खतरा भी पैदा कर सकते हैं। इसलिए नार्मल टैम्पोन्स का ही इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प होता है। [ये भी पढ़ें: हर रोज की इन आदतों के कारण ढ़ीले हो सकते हैं आपके स्तन]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "