hormone imbalance: महिलाओं में हार्मोन असुंतलन के संकेत

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Symptoms of a Hormone Imbalance in Women

hormone imbalance: हार्मोन्स के असंतुलित होने के कारण महिलाओं के शरीर में कई लक्षण नज़र आते हैं।

hormone imbalance: महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स का संतुलन ना होना आजकल एक बड़ी समस्या बन चुका है। इससे महिलाओं के शरीर पर काफी सारे नकारात्मक असर पड़ते हैं। मेनोपॉज के दौरान हार्मोन्स का असंतुलन होना साधारण होता है लेकिन मेनोपॉज के अलावा भी हार्मोन असंतुलित होने के कई कारण हो सकते हैं। हार्मोन्स के असुंतिलत होने के कारण महिलाओं के शरीर में कई संकेत दिखाई देते हैं। आइए जानते हैं कि हार्मोन असंतुलन होने के कारण महिलाओं के शरीर में क्या संकेत दिखते हैं। [ये भी पढ़ें:  Weight loss: वजन बढ़ाने वाले हार्मोन को कैसे नियंत्रित करें ]

hormone imbalance: महिलाओं में हार्मोन असुंतलन के लक्षण

  • गुस्सा आना
  • डिप्रेशन
  •  लिबिडो कम होना
  • ध्यान ना लगा पाना
  •  वजन बढ़ना

1. गुस्सा आना- हार्मोन असंतुलित होने का पहला असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसे महिलाओं का खुद पर भावनात्मक रुप से काबू नहीं रहता है और उन्हें बात-बात पर तेज गुस्सा आता है और अक्सर हर चीज से चिड़चिड़ाहट होती है।[ये भी पढ़ें:   Excessive Cortisol: शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ने के संकेत ]

2. डिप्रेशन-

hormone imbalance: हार्मोन्स के असंतुलित होने के कारण महिलाएं डिप्रेशन की शिकार हो जाती है

हार्मोन बैलेंस ना होने से तनाव बढ़ जाता है और लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हो जाती है। डिप्रेशन से अगर आप परेशान है तो इसके पीछे हार्मोन्स का असंतुलित होना एक कारण हो सकता है।

3. लिबिडो कम होना- लिबिडो के कम होने से सेक्स ड्राइव कम हो जाती है। महिलाओं में सेक्स ड्राइव कम होना हार्मोन्स के बैलेंस ना होने के कारण भी हो सकता है क्योंकि इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। लिबिडो की कमी हार्मोन्स के असंतुलित होने का एक संकेत होता है।

4. ध्यान ना लगा पाना- हार्मोन के असंतुलित होने से महिलाओं को चिड़चिड़ाहट की समस्या पैदा हो जाती है। साथ ही वे किसी भी काम पर को पूरे फोकस के साथ नहीं कर पाती। बार-बार ध्यान भटकना और फोकस ना कर पाना भी हार्मोन असंतुलन का एक कारण होता है।

5. वजन बढ़ना- हार्मोन्स के असुंतलन के कारण कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है जो कि तनाव पैदा करने वाला हार्मोन है। इससे नींद नहीं आती और नींद की कमी मोटापे का मुख्य कारण है इसलिए वजन बढ़ना भी हार्मोन्स असंतुलन का एक संकेत है।

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ये सभी हार्मोन असंतुलन का संकेत होते हैं इसलिए इन्हें अनदेखा ना करें।

 

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