प्यूबिक हेयर से जुड़े मिथक

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pubic hair myths girls need to stop believing

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शरीर के बाकि अंगों की तरह जंननागों की देखभाल करना भी जरुरी होता है। कई महिलाओं को प्राइवेट पार्ट्स को लेकर गलत धारणाएं होती हैं। इनमें से एक प्यूबिक हेयर को लेकर मिथक हैं। महिलाओं को प्यूबिक हेयर की देखभाल को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं होती है। जिसकी वजह से कई तरह की सेक्सुअल स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती है। इसलिए प्यूबिक हेयर से संबंधित मिथक और तथ्यों के बारे में पता होना जरुरी होता है। ताकि आप खुद को इससे होने वाली समस्याओं से बचा सकें। तो आइए आपको प्यूबिक हेयर से जुड़े मिथकों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: निप्पल्स से असामान्य रुप से डिसचार्ज होने के कारण]

शेविंग प्यूबिक हेयर को हटाने का सबसे अच्छा तरीका है: प्यूबिक हेयर को शेव करना या ना करना ये आपका निर्णय होता है। लेकिन इसे करने से पहले याद रखना चाहिए कि शेविंग करने से त्वचा कटने का खतरा हो सकता है। क्योंकि प्यूबिक एरिया की तवचा काफी संवेदनशील होती है।

सिर के बालों और प्यूबिक हेयर का रंग एक सा होता है: यह लंबे समय से चलता मिथक है कि आपके बालों और प्यूबिक हेयर का रंग एक सा होता है। बालों का रंग मेलनिन पर निर्भर करता है। प्यूबिक हेयर में ज्यादा मेलनिन होता है। जिसकी वजह से प्यूबिक हेयर का रंग गहरा होता है। [ये भी पढ़ें: सवाल जो स्तनपान कराने वाली महिलाओं को करते हैं परेशान]

प्यूबिक हेयर की ग्रोथ रुकती नहीं है: प्यूबिक हेयर की वृद्धि एक समय पर आकर रुक जाती है। जब यह एक हद बढ़ जाते हैं तो उसके बाद इनकी ग्रोथ रुक जाती है। कुछ समय बाद यह झड़ जाते हैं जिससे नए बाल उगने के लिए जगह मिल जाती है।

शेव करने बाल मोटा होता है: प्यूबिक हेयर की शेविंग करने से बालों के मोटा रोने से कोई संबंध नहीं होता है। साथ ही इसकी वृद्धि से भी कोई संबंध नहीं होता है।

वेजाइनल हाइजीन के लिए प्यूबिक हेयर रिमूव करना जरुरी है: प्यूबिक हेयर को हटाना ना हटाना हर महिला का निर्णय होता है। इसका वेजाइना से कोई संबंध नहीं होता है। बल्कि जब आप प्यूबिक हेयर को रिमूव करते हैं तो इससे आप वेजाइना को कमजोर बना रहे होते हैं।

प्यूबिक हेयर यौन संचारित रोगों से रोकथाम करते है: यह एक मिथक है कि प्यूबिक हेयर यौन संचारित रोगों से रोकथाम करने में मदद करते हैं। बल्कि प्यूबिक हेयर में जीवाणु और बैक्टीरिया होते हैं जिससे महिलाओं को यौन स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं हो सकती है। [ये भी पढ़ें: शिशु के जन्म के बाद वेजाइना की देखभाल कैसे करें]

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