इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम के लक्षण जो महिलाओं के अंदर दिखते हैं

Irritable Bowel Syndrome symptoms thats occur in women

इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम (आईबीएस) से ग्रसित लोगों को पेट में खिंचाव, कब्ज और डायरिया की समस्या रहती है। आईबीएस एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिंड्रोम है जिसमें पेट में बहुत तेज दर्द होता है और मल त्यागने की आदतों में बदलाव के कारण यह होता है। यह समस्या पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होती है। मासिक धर्म के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के लेवल में बदलाव होने के कारण यह सिंड्रोम होता है, क्योंकि यह हार्मोन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल में पाए जाते हैं। आईबीएस भावनात्मक स्वास्थ्य के साथ पेट में होने वाले सूक्षमजीवों में भी बदलाव कर सकता है। तो आइए आपको आईबीएस से जुड़ी बातों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: टैम्पोन के साइड इफेक्ट्स जो आपको जानने चाहिए]

1.बोवेल हैबिट में बदलाव: अगर महिला को कई दिनों से कब्ज की शिकायत है, तो यह भी इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम का लक्षण होता है। ऐसा अधिकतर आईबीएस पीड़ित महिला के तनाव, चिंता या अवसाद में रहने के कारण होता है। इसी वजह से कई महिलायें योग और नियमित व्यायाम के बाद इस समस्या से राहत पाने लगती हैं। अगर इसके बाद भी आपको कब्ज और डायरिया की समस्या रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श लें।

2.दर्द रहित बोवेल गतिविधि: आईबीएस आपकी बोवेल हैबिट में बदलाव तो कर देता है लेकिन बोवेल गतिविधियां दर्द रहित होती हैं। जैसे पेट में मरोड़ की समस्या होने के बाद भी आपके पेट में कोई दर्द नहीं होता है। अगर आपको इसके साथ भी दर्द होता है तो आपको कोई और बीमारी भी हो सकती है। [ये भी पढ़ें: पीरियड्स के दौरान इन खाघ पदार्थों का सेवन करने से बचें]

3.पूरे पेट में दर्द महसूस करना: जो महिलायें आईबीएस से पीड़ित होती हैं, उन्हें पूरे पेट में दर्द महसूस होता है। यह दर्द कुछ खाने के बाद बढ़ जाता है और मल त्यागने के बाद कम हो जाता है। आईबीएस पीड़ित महिला पेट में किसी एक जगह दर्द नहीं महसूस कर पाती। अगर आपका दर्द किसी एक जगह हो रहा है तो यह आईबीएस नहीं होता।

4.लक्षण दिन के समय दिखते हैं: आईबीएस के लक्षण दिन के समय होते हैं, क्योंकि यह तनाव और कुछ खाने के बाद होता है और रात को सोते समय आप तनाव रहित होते हैं। जिस वजह से यह लक्षण नहीं दिखते हैं। दिन के समय यह लक्षण तब ज्यादा दर्दनाक बन जाते हैं जब आपका पेट बहुत ज्यादा फूलने और भारी होने लगता है। [ये भी पढ़ें: मासिक धर्म के दौरान हाइजीन टिप्स का ध्यान रखना है जरुरी]

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