स्तनपान कराने वाली महिलाएं ब्रेस्ट इंफेक्शन का उपचार कैसे करें

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How to treat breast infection in lactating women

ब्रेस्ट इंफेक्शन को मास्टिसिस के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिलाओं के ब्रेस्ट टिशू प्रभावित होते हैं। यह ज्यादातर एक ब्रेस्ट को ही प्रभावति करता है ना कि दोनों ब्रेस्ट को और साथ ही इंफेक्शन भी बढ़ाता है। ब्रेस्ट इंफेक्शन मिल्क डक्ट में रुकावट करता है, जो दूध के प्रवाह को कम करता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया का निर्माण होता है। यह तब भी हो सकता है जब बैक्टीरिया रूखे निपल्स के माध्यम से स्तन में प्रवेश करता है। ब्रेस्ट इंफेक्शन के दौरान शुरूआत में दर्द, सूजन, लालिमा और कोमलता या फ्लू जैसी लक्षणों का अनुभव होता है। हालांकि ब्रेस्ट इंफेक्शन एक सामान्य स्थिति है और इसे कुछ आसान घरेलू उपचारों की मदद से दूर किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: वेजाइना में जलन महसूस होने के पीछे क्या कारण होते हैं]

पत्ता गोभी के पत्ते:
पत्ता गोभी की पत्तियों में सल्फर मौजूद होते हैं जो सूजन और संक्रमित स्तनों की समस्या को कम करने में मदद करते हैं। पत्ता गोभी के पत्तों को 30 मिनट के लिए फ्रिज करें और संक्रमित स्तन पर रखें। जब पत्ता कमरे के तापमान रूम के बराबर हो जाए तो उनके जगह कम तापमान वाली पत्तियों को रखें। इस प्रक्रिया को जितनी बार मन उतनी बार करें।

एलोवेरा:
एलोवेरा पेन रिलीवर की तरह काम करता है औरव इसमें सूदिंग इफेक्ट भी होता है जो रूखा त्वचा को रिपेयर करने में मदद करता है। एलोवेरा जेल को प्रभावित हिस्से पर लगाएं और थोड़ी देर छोड़ दें। फिर हल्के गुनगुने पानी से उसे साफ कर लें। [ये भी पढ़ें: बिकनी वैक्स करने के बाद क्या करें]

अदरक:
अदरक में नेचुरल एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो मास्टिसिस की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। ये उन बैक्टीरिया से बचाने में मदद करता है जिसके कारण इंफेक्शन की समस्या होती है। रोजाना 2 टुकड़ें अदरक के खाएं, इससे आपको जल्द राहत दिखने लगेगा।

सेब की सिरका:
सेब के सिरका में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो इंफेक्शन की वजह से होने वाले सूजन को कम करता है और साथ ही बैक्टीरिया से भी लड़ने में मदद करता है। 1 कप गुनगुने पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाएं और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं और 15 मिनट छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से साफ कर लें। इस प्रक्रिया को सप्ताह में 2 से 3 बार दोहराएं।

मेथी दानें:
मेथी दूध उत्पादन ग्रंथियों को उत्तेजित करता है और एक ही समय में स्तन संक्रमण का इलाज करने में भी मदद करता है। इसके अलावा, इसमें फ्लेवोनॉइड होता है जो सूजन और संक्रमण को कम करने में सहायता करता है। रात में पानी में मेथी के चार बड़े चम्मच बीज भिगो कर छोड़ दें। अगली सुबह, उनका पेस्ट बना लें और उसे प्रभावित हिस्से पर लगा लें और फिर गुनगुने पानी से उसे धो लें। इस प्रक्रिया को सप्ताह में 2 से 3 बार दोहराएं। [ये भी पढ़ें: ब्रेस्ट के ढ़ीले हो जाने से जुड़े मिथक और सच]

 

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