मेनोपॉज से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

health problems associated with menopause

महिलाओं को टीनएजर में ही पीरियड्स आना शुरु हो जाते हैं। आमतौर पर महिलाओं को 50 साल की उम्र तक पीरियड्स आते हैं। लेकिन जब यह बंद होने वाले होते हैं तो इस समय हॉट फ्लैश और मूड स्विंग होने के साथ कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होना शुरु हो जाती हैं। कुछ महिलाओं को 2-3 समस्याएं भी हो जाती हैं। जिनके बारे में पता होना जरुरी होता है। पीरियड्स बंद होने के समय को मैनोपॉज कहते हैं। तो आइए आपको उन समस्याओं के बारे में बताते हैं जो अक्सर महिलाओं को पीरियड्स बंद होने पर होती हैं। [ये भी पढ़ें: पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करने से क्या प्रभाव पड़ते हैं]

लिवर संबंधित समस्या: जब आप यंग और स्वस्थ होते हैं तो लिवर एल्कोहल, इंफेक्शन या अत्यधिक फैट से होने वाली समस्याओं को ठीक कर देता है। लेकिन मैनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन के रिलीज होने पर यह लिवर के कार्य में हस्तक्षेप करने लगता है। जिसकी वजह से लिवर संबंधित समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती हैं। एस्ट्रोजन आपकी माइटकान्ड्रिन कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। लेकिन जब इन हार्मोन का लेवल कम होता तो लिवर संबंधित समस्याएं होने का खतरा बढ़ ही जाता है।

शुष्क आंखें: महिलाओं में एस्ट्रोजन के साथ टेस्टेस्ट्रेरोन हार्मोन भी होते हैं। जो मैनोपॉज के दौरान कम हो जाता है। जिसकी वजह से आंखों को नुकसान होता है। टेस्टेस्ट्रेरोन हार्मोन मीबोमियान ग्रंथियों के कार्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जो आंखों की सतह पर नमी को सुरक्षित रखता है। टेस्टेस्ट्रेरोन का लेवल कम होने से ऑयल लेलर पतली हो जाती है। जिसकी वजह से आंखों से ज्यादा मात्रा में पानी का वाष्पीकरण होता है। जिसकी वजह से आंखों में असहज और सूजन की समस्या होने लगती है। [ये भी पढ़ें: ब्रेस्ट पेन होने के क्या कारण हो सकते हैं]

सुनने की समस्या: उम्र के साथ लोगों की सुनने की क्षमता कम होने लगती हैं। लेकिन कुछ महिलाओं को मैनोपॉज के दौरान सुनने में ज्यादा समस्या होने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एस्ट्रोजन कॉकलेज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो कान में अंदर की तरफ होता है। जो वाइब्रेशन को इलैक्ट्रिकल सिगनल में परिवर्तित करके दिमाग तक पहुंचाता है।

नींद से जुड़ी समस्या: रात को पसीना आने की वजह से अक्सर नींद की समस्या होने लगती है। लेकिन सिर्फ यही तरीका नहीं है कि मैनोपॉज आपकी नींद को प्रभावित करते हैं। जिसकी वजह से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती है। [ये भी पढ़ें: योनि में अधिक पसीना आता है तो क्या करें]

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