वेजाइना को स्वस्थ रखने के लिए खाद्य पदार्थ

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foods to boost your vagina health

स्वस्थ और पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करने से शरीर स्वस्थ रहता है। महिलाओं को अक्सर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, स्मेली वेजाइना और वेजाइना में खुजली होने की समस्या रहती है और कई बार तो इसकी वजह से उन्हें असहज भी महसूस होती है। महिलाओं में होने वाली समस्या के कारण उन्हें लोगों के सामने शर्मिंदगी भी महससू होती है। ये सारी चीजें उनके वेजाइना के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। तो कोशिश करें कि वेजाइना में किसी प्रकार का इंफेक्शन ना हो। ऐसे में पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ जैसे- मिनरल, विटामिन, आयरन इत्यादि का सेवन करना वेजाइना के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। आइए जानते हैं किन खाद्य पदार्थों के सेवन से वेजाइना को इंफेक्शन से दूर और स्वस्थ रखा जा सकता है। [ये भी पढ़ें: अंडरवियर ना पहनकर सोने से होते हैं हैरान करने वाले फायदे]

क्रैनबेरी जूस:
क्रैनबेरी जूस में एसिड कंपाउंड होता है जो बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है और साथ ही यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से भी बचाकर रखता है। लेकिन कोशिश करें नेचुरल जूस ही पिएं, उनमें चीनी की मात्रा कम हो। इस प्रकार ये वेजाइना को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

शकरकंद:
शकरकंद में विटामिन ए होता है जो आपके वेजाइनल और यूटेरिन वॉल को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा विटामिन ए सेक्स हॉर्मोन्स को भी जेनेरेट करता है। ये आपको ऊर्जा प्रदान करने में भी मदद करता है। [ये भी पढ़ें: वेजाइनल बंप्स के प्रकार जिनके बारे में महिलाओं को जानना चाहिए]

एवोकाडो:
एवोकाडो में पोटेशियम, विटामिन बी6 और हेल्दी फैट होता है जो वेजाइना को इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है और साथ ही बैक्टीरिया और कीटाणुओं से भी लड़ता है ताकि वेजाइना स्वस्थ रह सके।

कद्दू का बीज:
कद्दू के बाज में पाए जाने वाला जीन्क और विटामिन-ई मेंसट्रुअल साइकल को रेगुलेट करता है और साथ ही वेजाइना में होने वाली खुजली को भी कम करता है। इसके अलावा ये पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है।

ग्रीन टी:
ग्रीन टी में पॉलीफोनिक होता है जो इ-कोलाई बैक्टीरिया को नष्ट करता है, जिसके कारण यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होता है और साथ ही वेजाइना को भी स्वस्थ रखता है। इसके अलावा ग्रीन टी में कैफीन होता है जो प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षणों को भी कम करता है। [ये भी पढ़ें: क्या होता है जब आप अधिक देर तक टैम्पॉन्स लगाकर रखती हैं]

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