पसीना आपके स्वास्थ्य के बारे में क्या बताता है

things your sweat says about your health

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पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया है। यह शरीर के लिए फायदेमंद होता है। शरीर के तापमान को ठंडा रखने में मदद करता है। जब शरीर का तापमान बढ़ता है तो तंत्रिका तंत्र स्वैट ग्लैंड को संकेत देता है जिससे आपकी त्वचा पर पसीना आने लगता है। जहां यह वाष्पीकृत होकर आपके शरीर को ठंडा करती है। लोग पसीने से आने वाली बदबू या पसीना कम आने के लिए कई काम करते हैं ताकि उन्हें कहीं शर्मिंदी ना महसूस हो। मगर क्या आपको पता है पसीना आपके स्वास्थ्य के बारे में कई चीजें बताता है। तो आइए आपको बताते हैं कि पसीना आपको क्या बताता है। [ये भी पढ़ें: स्वास्थ्य समस्याओं की तरफ संकेत करते हैं कुछ प्रकार के कमर दर्द]

तनाव से ग्रसित हैं: जब शरीर का तापमान अधिक होता है तो पसीना एक्राइन ग्रंथियों से बनता है जिसमें अधिकतर पानी और नमक होता है। लेकिन जब आप तनाव से ग्रसित होते हैं तो पसीना एपोक्राइन ग्रंथियों से बनता है, जो ग्रंथि आर्मपिट में पाई जाती हैं। इस तरह के पसीने में फैट, प्रोटीन होते हैं जो त्वचा पर बैक्टीरिया से मिलकर बदबू पैदा करते हैं।

सोडियम की कमी: जब आपका पसीना नमकीन होता है तो इसका मतलब यह है कि शरीर को सोडियम की जरुरक होती है। अगर पसीने से आपकी आंखों में जलन होती है, त्वचा पर जलन महसूस होती है जिसे पोछने पर कपड़े पर सफेद धब्बे बनते हैं तो इसका मतबल यह है कि आपके शरीर को सोडियम की जरुरत है। [ये भी पढ़ें: कारण जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकते हैं]

ब्लड शुगर लो होना: जब आपका ब्लड शुगर 70 mg/dL से कम हो जाता है तो इसका प्रभाव आपको महसूस हो सकता है। इसका सबसे पहला संकेत अत्यधिक पसीना आना होता है। खासकर गर्दन में पीछे की तरफ। अगर ब्लड शुगर का लेवल थोड़ा कम हुआ है तो उसे कुछ खाकर या पीकर ठीक क्या जा सकता है।

पानी की कमी: अगर पसीने की वजह से आपको आंखों में जलन होती है। यह संकेत होता है कि आपके शरीर में पानी की कमी है। इसे दूर करने के लिए आपको अधिक मात्रा में पानी पीने के साथ डाइट में सोडियम की मात्रआ बढ़ाने की जरुरत होती है।

आप प्रेग्नेंट हैं: गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान अत्यधिक पसीना आने की समस्या होती है। यह शरीर में हार्मोन्स, ब्लड फ्लो और मेटाबॉल्जिम के बढ़ने का परिणाम होते हैं। इसके साथ ही मैनोपॉज के दौरान होने वाले हॉट फ्लैश का हार्मोन्स के असंतुलित होने का संकेत होता है। [ये भी पढ़ें: रोजाना की आदतें जिनके कारण आपके दांतों पर पीलापन आता है]

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