सुबह उठने के बाद इन अस्वस्थ आदतों से करना चाहिए परहेज

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things you need to avoid doing right after waking up

सुबह उठने के बाद आपका एक घंटा बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस एक घंटे में कुछ गलत करने से आपको चिड़चिड़ा बना देता है और आपको पूरे दिन तनाव रहता है। इसलिए सुबह उठकर कुछ आदतों को करने से बचना चाहिए। जिससे आपका पूरा दिन खराब ना हो और आप स्वस्थ रहें। आपकी रोज की कुछ आदतों से आपके लाइफस्टाइल पर गलत प्रभाव पड़ने लगता है। इन आदतों का आप पर दुष्प्रभाव पड़ने लगे उससे पहले इन आदतों को करना छोड़ देना बेहतर होता है। ऐसा करने से आप दिन पर प्रोडक्टिव रहते हैं। तो आइए आपको इन अस्वस्थ आदतों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: आपकी जीभ क्या कहती है आपके स्वास्थ्य के बारे में]

अलार्म बंद करना: अलार्म बंद करके सोना थोड़ा मुश्किल होता है। क्योंकि जब आप एक बार अलार्म बंद करके दोबारा सोते हैं तो आपकी स्लीप साइकल पूरी नहीं हो पाती है जिसकी वजह से आपको पूरे दिन चिड़चिड़ा सा महसूस होता है। इसलिए आपको इस बात ध्यान रखकर ही अलार्म लगाना चाहिए कि आपको कितनी देर सोना है।

उठते ही फोन चेक करना: अगर आप अपने साथ फोन रखकर सोते हैं तो यह स्वाभाविक है कि आप उठते ही अपने फोन को चेक करते हैं। ऐसा करने से आप रिकवर नहीं हो पाते हैं। क्योंकि फोन में काम से संबंधित मेल, दोस्तों के मैसेज जैसी चीजें आपके दिमाग में घुमने लगती हैं और आप ताजा महसूस नहीं कर पाते हैं। सुबह का समय आराम करने के लिए होता है ताकि आप लंबे समय तक बिना टेंशन के रह सकें। [ये भी पढ़ें: क्या आपको हमेशा प्यास लगती है तो इसके पीछे हो सकते हैं कई चौंकाने वाले कारण]

कॉफी पीना:
हमारा शरीर प्राकृतिक रुप सुबह के समय कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन करना शुरु कर देता है। यह हार्मोन एनर्जी लेवल को नियमित करता है। कॉफी पीने से इसमें मौजूद कैफीन शरीर को संकेत देता है कि कोर्टिसोल का उत्पादन कम कर दे। जिसका परिणाम यह होता है कि आपकी एनर्जी कम हो जाती है।

कोई रुटीन ना होना: आप सुबह उठने के बाद बादाम खा सकते हैं, ग्रीन टी पी सकते हैं या जिम भी जा सकते हैं। ये सभी अच्छी आदतें हैं जिन्हें आपके रुटीन में होना जरुरी होता है। अगर आप सुबह डिसाइड कर लें की आपको पूरे दिन क्या काम करना है तो इससे आपको दिनभर बाकि काम करने के लिए समय मिल जाता है। सुबह उठने के बाद अगर आपका रुटीन बना हो तो आपका दिमाग उसी हिसाब से काम करने लगता है। इससे समय और एनर्जी दोनों बच जाते हैं।

नाश्ते में ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना:
नाश्ते में ब्रेड, पास्ता, डोसा खाने से आपको कोई भी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं। यह सिर्फ आपको थोड़े समय के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं। जिसके कुछ समय बाद आपको भूख लगने लगती है। अपने नाश्ते में प्रोटीन और फाइबर जोड़कर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: नाखूनों का बदलता हुआ आकार हो सकता है बीमारी का संकेत]

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