शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर दिखते हैं कई संकेत

signs of magnesium deficiency

हमारा शरीर बायोकेमिस्ट्री की वजह से जीवित होता है। शरीर में 300 से ज्यादा बायोकेमिकल रिएक्शन के लिए मैग्नीशियम की जरुरत होती है। यह शरीर में पाया जाने वाले चौथा महत्वपूर्ण मिनरल होता है। अगर शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाए तो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में मैग्नीशियम की कमी को कुछ लक्षणों की मदद से पहचाना जा सकता है। मैग्नीशियम एनर्जी के उत्पादन में मददगार होता है जो हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही हार्ट रेट सामान्य रखने में मदद करता है। अगर उचित मात्रा में मैग्नीशियम का सेवन ना किया जाए तो शरीर में हार्मोन रिलीज होने लगते हैं जो हड्डियों से मैग्नीशियम निकालकर रक्त प्रवाह में लाने लगते हैं। तो आइए आपको मैग्नीशियम की कमी से होने वाले लक्षणों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: हाई कोलेस्ट्रॉल फूड खाने के बाद क्या करना जरुरी है]

मांसपेशियों में खिंचाव:
मैग्नीशियम की कमी होने पर धमनियों के साथ मासंपेशियों के ऊतकों में कठोरता आने लगती है जिसकी वजह से मांसपेशियों में खिंचाव आने लगता है। अगर प्रेग्नेंसी के पैरो में दर्द हो रहा है तो इसके पीछे के कारण शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है। जिसे मैग्नीशियमयुक्त फूड का सेवन करके ठीक किया जा सकता है।

हार्मोनल समस्या: शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर हार्मोन के लेवल पर प्रभाव पड़ने लगता है। महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल जितना ज्यादा होता है मैग्नीशियम का लेवल उतना ही कम होता है। इसकी कमी की वजह से ही महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पैरों में दर्द होता है। [ये भी पढ़ें: खुश रहने के लिए गले मिलना है जरूरी]

सोने में दिक्कत होना: शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव नींद पर पड़ता है। इसके प्रभाव को आसानी से पता किया जा सकता है। मैग्नीशियम शरीर को आराम पहुंचाने में मदद करता है जिससे अच्छी नींद आती है। दिमाग में जीएबीए के उचित कार्य के लिए मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। जीएबीए एक न्यूरोट्रॉसमीटर होता है जो दिमाग को आराम करने के लिए अनुमति देता है।

ऊर्जा की कमी होना: कोशिकाओं में एटीपी ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए मैग्नीशियम की जरुरत होती है। एडेनोसाइन ट्राइफॉस्फेटड (एटीपी) कोशिकाओं में ऊर्जा का उत्पादन करने का मुख्य स्त्रोत होता है। इसके लिए मैग्नीशियम आयन की जरुरत होती है जो इन्हें सक्रिय करते हैं। मैग्नीशियम का लेवल कम होने पर कोशिकाओं से ऊर्जा का उत्पादन नहीं होता है। जिसकी वजह से थकावट, ऊर्जा की कमी जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं।

हड्डियां कमजोर हो जाती है:
signs of magnesium deficiencyहड्डियों के स्वस्थ रहने के लिए कैल्शियम महत्वपूर्ण होता है, इसके साथ ही मैग्नीशियम भी उतना ही जरुरी होता है। कैल्शियम अवशोषण को सही रखने के लिए विटामिन डी के लिए मैग्नीशियम जरुरी होता है। जिसकी मात्रा सही ना होने की वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। [ये भी पढ़ें: नाभि पर तेल लगाने से होने वाले स्वास्थ्य लाभ]

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