रात को पैरों में खिंचाव होने के पीछे का कारण

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Reasons for leg cramp at night

मांसपेशियों में होने वाला ऐंठन एक या एक से अधिक मांसपेशी के संकुचन के कारण होता है। ऐंठन की वजह से वास्तव में लोगों के पैरों में दर्द होता है और कई बार सोते समय यह ऐंठन बढ़ जाता है। अचानक से पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन होने को ‘नॉक्टर्नल लेग क्रैम्प’ कहा जाता है। यह काफ की मांसपेशियों के इन्वॉलंट्री कॉन्ट्रैक्शन के कारण सोते समय रात के दौरान होता है। ऐंठन होने की वजह से मांसपेशियों में होने खिंचाव होने लगता है। इस ऐंठन की अवधि कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक हो सकती है। हालांकि, कुछ समय बाद यह तीव्र दर्द कम हो सकता है लेकिन मांसपेशियों में दर्द एक लंबी अवधि के लिए रहता है। रात में मांसपेशियों की ऐंठन के पीछे कई कारण होते हैं और इन कारणों को जानने से आप सावधानीपूर्वक उपाय कर सकते हैं। [ये भी पढ़ें: सर्दियों में भी पसीना आने के पीछे के मुख्य कारण]

डिहाईड्रेशन:
रात के दौरान मांसपेशियों की ऐंठन के पीछे डिहाईड्रेशन मुख्य कारण हो सकता है। शरीर में उचित हाईड्रेशन बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि 75 प्रतिशत मांसपेशियों के ऊतकों में पानी का समावेश होता है। पानी मांसपेशियों को कॉन्ट्रैक्ट और आराम करने में मदद करता है। यदि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं और ना ही हाइड्रेशन स्तर बनाए रखते हैं तो इसकी वजह से रात में ऐंठन की समस्या हो सकती है।

पोषण की कमी:
पोषक तत्वों की कमी के कारण रात में पैरों में ऐंठन की समस्या हो सकती है। सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल नर्व इम्पल्सेज और मांसपेशियों के संकुचन दोनों के लिए जिम्मेदार होते हैं। पोषण का पर्याप्त खपत मांसपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है। [ये भी पढ़ें: आयोडीन का सेवन स्वास्थ्य के लिए होता है उपयोगी]

गर्भावस्था:
गर्भवती महिलाओं को अक्सर ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान यह दूसरी तिमाही के प्रारंभिक चरण के दौरान होता है। गर्भाशय पर दबाव के कारण ऐसा होता है। इसकी वजह से थकान महसूस होती है और पैरों में ब्लड सर्कुलेशन भी कम हो जाता है। इस समस्या को लेकर अपने चिकित्सक से बात करना महत्वपूर्ण होता है।

हाइपोथायरॉयडिज्म:
पैरों में ऐंठन होने का एक और कारण थायरॉयड के स्तर का कम होना होता है। थायरॉयड हार्मोन की अपर्याप्त मात्रा होने के कारण अक्सर मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द का खतरा बढ़ जाता है। [ये भी पढ़ें: अनहेल्दी फूड्स की बजाय करें हेल्दी फूड्स का सेवन]

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