गेहूं के सेवन से आपकी सेहत को क्या फायदे होते हैं

Incredible Benefits of eating Wheat

भारतीय घरों में गेहूं का इस्तेमाल महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ के रुप में किया जाता है। गेहूं के आटे का उपयोग रोटी, परांठा, दलिया आदि बनाने के लिए किया जाता है। गेहूं पोषक तत्वों से भरपूर होता है इसके सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है और ब्लड-शुगर का स्तर भी नियंत्रित रहता है जिससे डायबिटीज की बीमारी नहीं होती है। गेहूं में प्रति 100 ग्राम में 339 कैलोरी होती है साथ ही इसमें विटामिन B6, मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम भी होता है। कार्बोहाइड्रेट गेहूं में पर्याप्त मात्रा में होता है लेकिन वर्कआउट करने वाले लोग अक्सर गेहूं को मोटापे का कारण मानते हैं और इसके सेवन से बचते हैं जो कि सही नहीं हैं। गेहूं के सेवन के अनेक लाभ होते हैं। आइए जानते हैं गेहूं के सेवन से होने वाले लाभों के बारे में। [ये भी पढ़ें: सर्दियों में आपको सनग्लास क्यों पहनने चाहिए]

1.शरीर को ऊर्जा देती है: गेहूं में कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस आदि भरपूर मात्रा में होते हैं। साथ ही इसमें कार्ब्स और कैलोरी की पर्याप्त मात्रा होती है। इसलिए इसका सेवन करने से शरीर को पोषक तत्व और भरपूर मात्रा में ऊर्जा भी मिलती है।

2.पाचन तंत्र के लिए लाभकारी: गेहूं से बनी रोटी को पचाना बहुत आसान होता है। यह जल्द ही पाचन रस में घुलकर आंतों में चली जाती है। इसलिए इसके पाचन में शरीर को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। [ये भी पढ़ें: खाद्य पदार्थ जो आपको बैक्टीरिया और जर्म्स से लड़ने में मदद करते हैं]

3.इंफ्लेमेशन को कम करता है: गेहूं में बेटाइन होता है जो कि इंफ्लेमेशन को कम करने में उपयोगी होता है। इसलिए इंफ्लेमेशन कम करने के लिए गेहूं या उससे बने खाद्य पदार्थों का सेवन करना उपयोगी होता है।

4.टाइप-2 डायबिटीज से बचाता है: गेहूं में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम होता है जो कि एंजाइम्स के को-फैक्टर की तरह काम करता है। यह एंजाइम्स ग्लूकोज के संश्लेषण के साथ-साथ इंसुलिन संश्लेषण के लिए भी उपयोगी होता है। इसलिए गेंहू खाने से इंसुलिन का स्तर सही बना रहता है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा नहीं रहता है।

5.दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है: पोटेशियम की कमी से दिल की बीमारियां होने का खतरा रहता है। 100 ग्राम गेहूं में 431 मिलीग्राम पोटेशियम होता है। इसलिए गेहूं का सेवन करने से शरीर में पोटेशियम की कमी नहीं होती है और रक्त का प्रवाह सही रहता है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा नहीं होता है। [ये भी पढ़ें: व्हाइट शुगर की तुलना में ब्राउन शुगर का सेवन करना क्यों लाभकारी है]

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