Self-Massage: आयुर्वेदिक तरीके से खुद की मसाज कैसे करें

Ayurvedic Way of Self-Massage

Self-Massage: आयुर्वेदिक रुप से मालिश करने से आप स्वस्थ रहते हैं

Self-Massage: भारतीय संस्कृति में आयुर्वेदिक तरीके का इस्तेमाल शरीर को प्राचीन काल से स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक तरीके से डाइट लेना, मेडिटेशन करना, जड़ी-बूंटियों का सेवन करना और शरीर को खूबसूरत बनाने के लिए प्राकृतिक तरीकों का इस्तेमाल करने से शरीर स्वस्थ और सुंदर बनता है। आयुर्वेदिक तरीके से खुद की मालिश करना भी लाभकारी होता है क्योंकि मसाज करने से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है जिससे शरीर की थकान दूर होती है और हर अंग को पूरी स्फूर्ति के साथ काम करने की ऊर्जा मिलती है। आइए जानते हैं कि आयुर्वेदिक तरीके(Ayurvedic Way )से खुद की मसाज कैसे करें। [ये भी पढ़ें: सूरज का प्रकाश हमारे लिए क्यों जरुरी है]

 Self-Massage: खुद की मसाज करने के आयुर्वेदिक तरीके

  • गर्म तेल का इस्तेमाल करें
  • शरीर के निचले हिस्सों पर मालिश करें
  • मालिश करते समय फिंगर टिप्स का इस्तेमाल करें
  • पैरों पर मालिश करें
  • मालिश करते समय सावधानियां

1.गर्म तेल का इस्तेमाल करें- प्राकृतिक तेल जैसे नारियल का तेल या ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें। तेल को गर्म करके एक कटोरी में डाल लें और फिर इससे हाथों-पैरों और उनके जोड़ों पर सर्कुलर मोशन में मालिश करें।

2.निचले हिस्से पर मालिश करें- मालिश करने की शुरुआत हाथ-पैरों से करें और फिर निचले हिस्सों जैसे पेट, जांघों आदि पर मालिश करें। हाथों को सर्कुलर मोशन में दांए से बांए ले जाते हुए मालिश करें। आयुर्वेद के अनुसार बालों को सुंदर बनाने के तरीके जानने के लिए क्लिक करें।

3.मालिश करते समय फिंगर टिप्स का इस्तेमाल करें- मालिश करने के लिए फिंगर टिप्स की मदद से तेल त्वचा पर लगाएं और कानों के आसपास व शरीर के अन्य अंगों पर मालिश करें। फिंगर टिप्स से मालिश करने से एक प्रकार का एक्यूप्रेशर होता है जिससे ब्लड वैसल्स को ज्यादा रिलैक्स मिलता है।

4.पैरों पर मालिश करें-

Ayurvedic Way To Practice Self-Massage
Self-Massage: आयुर्वेदिक तरीकों से खुद की मसाज करने पर आराम मिलता है।

पैरों पर मालिश करने से पैरों की थकान कम होती है और रक्त संचार बढ़ता है। गर्म तेल की मदद से पैरों की मालिश करें या टेनिस बॉल को पैरों के नीचे रोल करके भी पैरों की मालिश की जा सकती है। एक्यूप्रेशर रोलर की मदद से भी पैरों की मालिश की जा सकती है।

5. मालिश करते समय निम्न बातों का रखें ख्याल-

  • शरीर के अंगों पर बहुत ज्यादा ज़ोर ना दें।
  • हर एक प्वॉइंट पर कम से कम दो बार मालिश करें।
  • मालिश करते समय ध्यान दें कि आपको कहां ज्यादा दर्द होता है और फिर उसी स्थान पर अच्छे से मालिश करें।
  • मालिश करने से पहले और बाद में हल्की स्ट्रैचिंग जरुर करें। [ये भी पढ़ें: सनस्ट्रोक होने पर किसी की कैसे मदद करें]

इन आयुर्वेदिक तरीकों से आप अपनी मालिश खुद कर सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।

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