Ayurvedic Tips: पेट की समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक

Ayurveda remedies for digestive disorders

Ayurvedic Tonic: पेट की समस्याओं से राहत पाने के लिए आयुर्वेद कारगर है।

Ayurvedic Tips For Stomach Problems: अगर आप सही आहार नहीं लेते हैं तो इसके कारण आपको पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज, पेट में दर्द, ब्लोटिंग आदि हो सकती हैं। इन समस्याओं को दूर करने में आयुर्वेद कारगर है। आयुर्वेद के अनुसार, अग्नि हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार होती है। अग्नि में ये समझने की क्षमता होती है कि किस तत्व को हमारी कोशिका के अंदर जाना चाहिए और किसे नहीं। हम जो भी खाते हैं वह या तो इस अग्नि को और मजबूत करता है या इसे नकारात्मक तरीके से प्रभावित करता है। कुछ आयुर्वेदिक टॉनिक की मदद से आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। अच्छी बात ये हैं कि आप ये टॉनिक घर पर ही बना सकते हैं। आइए जानते हैं पेट की समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक कैसे बनाएं। [ये भी पढ़ें: आयुर्वेद के अनुसार कब्ज की समस्या दूर करने उपाय]

Ayurvedic Tips For Stomach Problems: घर पर बने आयुर्वेदिक टॉनिक पेट से जुड़ी समस्याओं से दिलाते हैं राहत

  • कब्ज
  • ब्लोटिंग
  • अपाचन
  • डायरिया
  • एसिड रिफ्ल्कस

कब्ज
अगर आपको कब्ज की समस्या है तो इसके उपचार के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच घी मिलाएं साथ ही इसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं। रात के खाने के एक घंटे बाद इस पेय का सेवन धीरे धीरे करें। इस पेय में मौजूद घी आपकी आंतों को लुब्रिकेच करता है और नमक एंटी बैक्टीरियल गुणों होने के कारण कब्ज को आसानी से दूर करता है।

ब्लोटिंग

Ayurvedic Cure For stomach problems
Ayurvedic Tonic: ब्लोटिंग की समस्या के लिए आप आयुर्वेदिक टॉनिक का सेवन करें।

एक गिलास पानी को उबाल लें। इसमें थोड़ा अदरक, सेंधा नमक और हींग मिला लें। खाने के बाद इसका सेवन करें। इससे आपको ब्लोटिंग की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।

अपाचन

Ayurvedic tonic For digestive problems
Ayurvedic tonic : अपाचन सबसे आम पेट से जुड़ी समस्या है।

अपाचन से बचने के लिए आपको अपने आहार में पाचन को बेहतर करने वाले मसाले जैसे काली मिर्च, अदरक, दालचीनी आदि मिलाने चाहिए। अपाचन के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक बनाने के लिए एक चौथाई व्हीटग्रास जूस, तुलसी के 10 पत्ते, 3-4 लौंग, और अदरक लेकर इन्हें एक साथ ब्लैंड कर लें। इसे दिन में एक बार पिएं।

डायरिया
डायरिया की समस्या के दौरान पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना जरुरी है। इसके अलावा सवा गिलास पानी में थोड़ा घिसा हुआ अदरक और सौंफ मिला लें और इसे उबाल लें। इसमें एक चुटकी हल्दी भी मिलाएं और इसका सेवन करें।

एसिड रिफ्ल्कस
एसिड रिफ्ल्कस को सीने में जलन भी कह सकते हैं। छाछ का सेवन इसके लिए प्रभावी उपचार है। थोड़ा दही और पानी बराबर मात्रा में लें और इसे ब्लैंड कर लें। इसमें थोड़ा सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा भी मिलाएं। इस पेय का सेवन करने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या में आराम मिलता है।

[जरुर पढ़ें: आयुर्वेद के अनुसार, ओरल हाइजीन का ख्याल कैसे रखें]

ये कुछ आयुर्वेदिक टॉनिक हैं जो पेच से जुड़ी आम समस्याओं में आराम दिलाने में मदद करते हैं। इसके अलावा आपके पाचन को सुधारते हैं। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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