कम फैट वाली डाइट खाने से आपका स्वास्थ्य कैसे प्रभावित होता है

how low fat diet can affect your health

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अपने आहार को लेकर चिंतित होना अच्छी आदत है और अगर आप उन खाद्य पदार्थों का सेवन करने पर जोर देते हैं जिनमें फैट की मात्रा कम होती है तो आपके स्वास्थ्य के लिए कुछ मायनों में बेहतर हो सकता है। खासतौर पर तब जब आप हृदय रोगों के खतरे को कम करना चाहते हैं। लेकिन इस बात का ख्याल रखना भी जरुरी है कि आप इस आदत को इतना आगे ना ला जाएं कि शरीर के लिए जरुरी फैट का सेवन भी ना कर पाएं। अगर आप ऐसी डाइट का पालन कर रहे हैं जिसमें फैट की मात्रा कम हो तो आपके लिए यह जानना भी जरुरी है कि इससे आपके स्वास्थ्य को कई खतरे हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि कम फैट वाली डाइट खाने से आपका स्वास्थ्य कैसे प्रभावित होता है। [ये भी पढ़ें: बढ़ती उम्र के साथ खुद को स्वस्थ कैसे रखें]

डिप्रेशन:how low fat diet can affect your health
जिस डाइट में वसा की मात्रा बहुत कम होती है वह आपके मूड को भी प्रभावित करती है। खासतौर पर जरुरी फैटी एसिड, आपके शरीर को जिनकी पूर्ति केवल खाद्य पदार्थों के जरिए होती है। फैटी एसिड ओमेगा-3 और ओमेगा-6 हमारे मूड और व्यवहार को प्रभावित करते हैं। ये फैटी एसिड दिमाग में निर्मित कई हार्मोन और रसायनों के उत्पादन के लिए जिम्मेदार होते हैं। अगर आप फैटी एसिड की प्रचुर मात्रा का सेवन नहीं करते हैं तो डिप्रेशन जैसे मनोविकार होने की संभावनाएं होती हैं।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और हृदय रोगों का खतरा:
how low fat diet can affect your healthकम फैट वाली डाइट खाने के कारण आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है साथ ही कई हृदय रोगों का खतरा भी बना रहता है। जब आप कम फैट वाली डाइट लेते हैं तो आपके एचडीएल यानि गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर गिरने लगता है। जब गुड कोलेस्ट्रॉल कम होते हैं, तो बैड कोलेस्ट्रॉल को शरीर से निकालने में ठीक से काम नहीं कर पाते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है। साथ ही हृदय रोगों के खिलाफ शरीर की रक्षा करने के लिए गुड कोलेस्ट्रॉल का संतुलित होना जरुरी है। [ये भी पढ़ें: आपकी कुछ आदतें जो दांतो के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं]

अधिक खाना और वजन बढ़ना:
how low fat diet can affect your healthकई शोधों में फैट इन्टेक और वजन बढ़ने के बीच संबंध पाया गया है। जिन खाद्य पदार्थों में वसा की मात्रा होती है उनके सेवन से आपका पेट जल्दी भरता है और इनका आप सेटायटी इंडेक्स ज्यादा होता है। जिससे आप बार बार खाने से बच पाते हैं और अपने वजन को निेयंत्रित रख पाते हैं। वही कम फैट वाली डाइट के कारण आपको बार-बार फूड क्रेविंग्स होती है जिससे आपका वजन बढ़ने की संभावनाएं होती हैं।

विटामिन के अवशोषण में समस्या: फैट की बहुत कम मात्रा वाली डाइट खाने से आपका शरीर फैट-सोल्यूबल विटामिन्स का अवशोषण ठीक से नहीं कर पाता है। विटामिन ए, डी, के, और ई फैट-सोल्यूबल विटामिन्स हैं। आपके शरीर को इनका इस्तेमाल करने के लिए डाइटरी फैट की जरुरत होती है जो कम फैट वाली डाइट के कारण शरीर को नहीं मिल पाता है। [ये भी पढ़ें: रात को नींद ना आने पर क्या काम करें]

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