शुगर का अधिक सेवन आपके शरीर को कैसे प्रभावित करता है

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how does excess sugar affect your body

हम सभी को मीठे खाद्य पदार्थों खाने की तीव्र इच्छा होती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि अधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर को कई नुकसान पहुंचते हैं। शुगर का अधिक सेवन करने से केवल डायबिटीज ही नहीं बल्कि कुछ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। अधिकांश लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती। सॉफ्ट ड्रिंक्स, फलों का जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और कुछ फल आदि में जरुरत से ज्यादा शुगर होती है जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक हैं। यह वजन बढ़ाने, डायबिटीज, दांतों का खराब होना आदि समस्याओं का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं शुगर का अधिक सेवन किन स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। [ये भी पढ़ें: गर्मियों के मौसम में हीट स्ट्रोक से कैसे बचें]

मोटापा
मोटापे एक गंभीर स्वास्थ समस्या है जो शुगर के अधिक सेवन के कारण हो सकती है। विशेष रूप से बच्चों में यह समस्या होती है क्योंकि वो डोनट्स, कैंडीज, जंक फूड आदि कासेवन अधिक करते हैं। इतने मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बच्चों को बहुत ही कम उम्र में मोटापे का शिकार होना पड़ता है।

पाचन संबंधी समस्या
बहुत अधिक शुगर का सेवन आपके पाचन तंत्र, विशेष रूप से आपकी आंतों को नुकसान पहुंचाता है। यह आपके बोवेल मूवमेंट्स को भी प्रभावित करता है। शुगर वाले खाद्य पदार्थों में एक एंजाइम होता हैं जो कोलन में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को मारता है। ये बैक्टीरिया उचित पाचन के लिए जिम्मेदार होते हैं। इस कारण ब्लोटिंग, कब्ज, कोलन रोगों जैसी समस्याएं होती हैं। [ये भी पढ़ें: नाइट शिफ्ट के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए टिप्स]

समय से पहले बूढ़ा होना
मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन आपको समय से पहले बूढ़ा बनाता है। यह आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। चेहरे पर झुर्रियाँ और फाइन लाइन्स, बालों का झड़ना आदि समस्याएं होने लगती हैं। जब हम कुछ अस्वस्थ जीवनशैली का पालन करते हैं तो हमारे बाल और त्वचा को भी नुकसान पहुंचता है।

लिवर का स्वास्थ्य
शुगर के मोलिक्यूल आपके लिवर के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। इन मोलिक्यूल्स को छोटे कणों में तोड़ना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए लिवर को अतिरिक्त प्रयास करना पड़ता है जिससे इसके डैमेज होने की संभावनाएं रहती हैं।

डिमेंशिया
शुगर का अत्यधिक सेवन आपकी मेमोरी पावर को भी कमजोर बना सकता है। यह हमारे दिमाग को सीधे से प्रभावित करता है और हमारी एकाग्रता शक्ति को बाधित करता है। इसलिए उम्र के साथ आपको डिमेंशिया जैसी समस्या हो सकती है। शुगर में ऐसे एंजाइम होते हैं जो मस्तिष्क में प्रोटीन का निर्माण करते हैं। उम्र बढ़ने के साथ, यह अतिरिक्त प्रोटीन डिमेंशिया का कारण बनता है। [ये भी पढ़ें: डाइटिंग से जुड़े कुछ मिथक जिन्हें सच ना मानें]

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