Excessive Sweating: आयुर्वेद के अनुसार अधिक पसीने की समस्या को कैसे दूर करें

Read in English

Excessive sweating: अत्यधिक पसीने को आयुर्वेद की मदद से ठीक किया जा सकता है।

शरीर की दुर्गंध और पसीने का वजह से आपको कई बार शर्मिंदा महसूस हो सकता है। पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया जिसमें शरीर से अतिरिक्त हीट बाहर निकलती है। जब हमारा दिमाग संकेत देता है कि तनाव की वजह से हमारे शरीर का तापमान बढ़ गया है तो हीट बाहर निकलती है। कई लोगों को ज्यादा पसीना आने की समसया होती है। इसे हाइपरहिड्रोसिस कहते हैं। इस समस्या में शरीर सामान्य व्यक्ति की तुलना में ज्यादा पसीने का उत्पादन करता है। यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है। अत्यधिक पसीने की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेद में इलाज बताए गए हैं। आयुर्वेद में अत्यधिक पसीना आने के कई कारण बताए गए हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि कैसे आयुर्वेद के अनुसार अत्यधिक पसीने की समस्या को दूर किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: Excessive Sweating: अधिक पसीना आने की समस्या के लिए खाद्य पदार्थ]

Excessive Sweating: आयुर्वेद कैसे अधिक पसीने की समस्या को दूर करता है

एंटीपर्सपिरेंट हर्ब
पित्त दोष दूर करके
तनाव को मैनेज करें
स्तम्भाना चिकित्सा

एंटीपर्सपिरेंट हर्ब: स्वीदेपानायण वह हर्ब है जो पसीने के ज्यादा प्रवाह को कम करने में मदद करता है। यह हर्ब एंटीपर्सपिरेंट हैं जिसमें ठंडे और गर्म गुण होते हैं। यह गुण ज्यादा पसीना आने से रोकते हैं। चंदाना, मस्तका जैसे कई हर्ब का सेवन किया जा सकता है। इन हर्ब्स का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है।

पित्त दोष दूर करके: ज्यादा पित्त दोष होने की वजह से भी अत्यधिक पसीना आने की समस्या हो जाती है। पित्त दोष की वजह से अपच, हीट और शरीर का तापमान बढ़ जाता है जिसकी वजह से ज्यादा पसीना आता है। पित्त दोष दूर करने के लिए 10 किशमिश को रात में भिगोकर रख दें और सुबह उठते ही इनका सेवन करें। इसके अलावा आप 1 चम्मच आंवला पाउडर के साथ गुड़ का सेवन कर सकते हैं।

तनाव को मैनेज करें: आज क समय में हर कोई तनाव, डिप्रेशन और डर से ग्रसित होते हैं जिसकी वजह से अधिक पसीना आने लगता है। तनाव को मैनेज करने के लिए हर सुबह प्राणायम करें। इससे दिमाग शांत होता है और तनाव भी कम होता है। इसके अलावा आप ब्राह्मी तेल भी सिर पर लगा सकते हैं।

स्तम्भाना चिकित्सा: जब आपको अधिक पसीना आने का कारण ना पता हो तो इस दौरान चंदानाड़ी ताइला का इस्तेमाल नहाने से एक घंटे पहले करें। अगर आप इस ताइला को हेयर फॉल्किल्स को पर रब करते हैं तो यह पसीने के छिद्रों को बंद करता है। इस लगाने के बाद पहले गर्म फिर ठंडे पानी से साफ कर लें। यह शरीर को ताजा बनाने में और पसीना कम करने में मदद करता है।

[जरुर पढ़ें: आदतें जिनके कारण ज्यादा पसीना आता है]

अत्यधिक पसीने की समस्या को कुछ आयुर्वेदिक तरीकों से भी दूर किया जा सकता है। इस आर्टिकल को इंग्लिश(English) में भी पढ़ें।

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "