किन हार्मोन्स के कारण आपको बार-बार भूख लगती हैं

Hormones that are responsible for your frequent hunger

हमारे शरीर का स्वास्थ्य वजन पर भी निर्भर करता है। अगर आपका वजन सामान्य से अधिक हैं तो आप मोटापे का शिकार हो सकते हैं। मोटापा बढ़ने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जरुरी है कि आप अपने वजन को नियंत्रित रखें। हालांकि वजन को नियंत्रित रखने के लिए आपको अपनी भूख पर काबू रखना पड़ता है जो कि सबसे मुश्किल काम हैं। खाद्य पदार्थों को देखकर आपकी क्रेविंग बढ़ती रहती है जिससे आप कुछ भी खा लेते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी भूख बढ़ाने के लिए आपके शरीर के ही हार्मोन्स जिम्मेदार होते हैं। इन हार्मोन्स का स्तर बढ़ जाने से आप बार-बार भूखा महसूस करते हैं। आइए जानते हैं कि कौन से वो हार्मोन्स हैं जिनके कारण आपको बार-बार भूख लगती है। [ये भी पढ़ें: बार-बार भूख लगने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं]

लेप्टिन: ‘सेटायटी हार्मोन’
लेप्टिन हार्मोन का उत्पादन फैट सेल्स से होता है। यह हार्मोन हमारे दिमाग के एक हिस्से हाइपोथेलेमस को संदेश भेजता है कि शरीर में फैट की पर्याप्त मात्रा है और भोजन के सेवन की जरुरत नहीं है। जब यह हार्मोन ठीक तरह से काम नहीं करता है तो दिमाग को संदेश नहीं मिल पाता और आपका दिमाग आपकी भूख को शांत नहीं कर पाता है। इस कारण आप अधिक खाते हैं।

घ्रेलिन- हंगर हार्मोन
जब आपका पेट खाली होता है तो घ्रेलिन हार्मोन रिलीज होता है जिससे आपको पता चलता है कि आप भूखे हैं। जब आपका पेट भरा होता है तो यह हार्मोन रिलीज होना बंद हो जाता है। खाना खाने से पहले आपके शरीर में घ्रेलिन की मात्रा सबसे अधिक होती है और खाना खाने के बाद सबसे कम। किसी गड़बड़ी के कारण इस हार्मोन का स्तर कम नहीं होता और दिमाग को सिग्नल नहीं मिलता जिससे आपको भूख लगती रहती है।[ये भी पढ़ें: रोज की आदतें जो कॉमन कोल्ड को बढ़ा सकती हैं]

ग्लूकागन(जीएलपी-1)- फुल हार्मोन
ग्लूकागम हार्मोन को फुल हार्मोन भी कहा जाता है। जब भोजन आपकी आंत तक पहुंच जाता है तो ग्लूकागन हार्मोन रिलीज होता है और आपके दिमाग को पता चलता है कि आपका पेट भर गया है और आपको और खाने की जरुरत नहीं है। इंफ्लेमेट्री फूड के कारण इस हार्मोन का स्तर घटने लगता है और इस कारण आप हमेशा भूखा महसूस करते हैं।

न्यूरोपेप्टाइड- स्टिमुलेट हार्मोन
न्यूरोपेप्टाइड हार्मोन का उत्पादन हमारे दिमाग और नर्वस सिस्टम में होता है। यह हार्मोन कार्बोहाइड्रे़ट के लिए हमारी भूख को बढ़ाता है। तनाव के कारण इस हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है जिससे भूख भी बढ़ती है और आप अधिक खाते हैं। [ये भी पढ़ें: स्वस्थ रहने के लिए क्यों सही तकिये का चुनाव है जरुरी]

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