Antibiotics: एंटीबायोटिक्स के सेवन के बाद कौन से फूड्स का सेवन करें

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side effects of antibiotics

Antibiotics: एंटीबायोटिक के सेवन के बाद कुछ फूड्स का सेवन करना जरुरी होता है।

एंटीबायोटिक्स सप्लीमेंट होते हैं जो शरीर को बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाते हैं। यह इंफेक्शन को रोकने और इसे फैलने से रोकने में मदद करते हैं। मगर इन एंटीबायोटिक्स के साइड-इफेक्ट्स भी होते हैं। यह आपके लिवर को भी नुकसान पहुंचाते हैं। एंटीबायोटिक्स आंत में मौजूद बैक्टीरिया और माइक्रोब्स को नकारात्मक रुप से प्रभावित करते हैं। एंटीबायोटिक्स का सेवन के बाद आप कुछ फूड्स का सेवन करके इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं। कुछ फूड्स का सेवन करके एंटीबायोटिक्स से होने वाले नुकसानों को ठीक किया जा सकता है। तो आइए आपको उन फूड्स के बारे में बताते हैं जिनका एंटीबायोटिक्स के बाद सेवन करना चाहिए। [ये भी पढ़ें: आपके शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स क्यों जरुरी हैं]

Antibiotics: एंटीबायोटिक्स के बाद कौन से फूड्स का सेवन करें

दही
बादाम
कोकोआ
लहसुन
रेड वाइन

दही:

Eat yogurt after taking antibiotics
taking antibiotics: दही का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

दही प्रोबायोटिक फूड होते हैं, जिसका सेवन एंटीबायोटिक्स के बाद करना फायदेमंद होता है। दूध से दही बनाई जाती है। इस किण्वन की प्रक्रिया में प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया का इस्तेमाल होता है। इसमें कई बैक्टीरिया होते हैं जो गुट माइक्रोबायोटा को स्वस्थ करने में मदद करते हैं। इसलिए दही का सेवन फायदेमंद होता है।

बादाम: बादाम का सेवन शरीर में फायदेमंद गुट बैक्टीरिया के लेवल को बढ़ान में मदद करता है। बादाम के सेवन के बाद शरीर की वायरस से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। [ये भी पढ़ें: भिगोकर रखें बादाम का सेवन करने से होते हैं कई स्वास्थ्य लाभ]

कोकोआ: कोकोआ में पॉलीफिनोल एंटीऑक्सीडेंट होता है जो गुट बैक्टीरिया पर प्रिबायोटिक प्रभाव डालते हैं। इसलिए एंटीबायोटिक्स के सेवन के बाद कोकोआ का सेवन फायदेमंद होता है।

लहसुन:

Eat garlic after taking antibiotics
Antibiotics: शरीर को एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट्स से बचाने के लिए लहसुन का सेवन करें।

लहसुन भी एक प्रिबायोटिक फूड है जिसका सेवन एंटीबायोटिक्स के बाद किया जा सकता है। प्रिबायोटिक नॉन डाइजेस्टिबल कार्ब्स होते हैं जो पाचन तंत्र में प्रोबायोटिक बैक्टीरिया की ग्रोथ में मदद करते हैं। [ये भी पढ़ें: लहसुन है स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर]

रेड वाइन: रेड वाइन में पॉलीफिनोल एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जिनको कोशिकाओं के जरिए पचाया नहीं जा सकता है। इन्हें सिर्फ स्वस्थ गुट बैक्टीरिया ही पचा सकते हैं। रेड वाइन के सेवन से आंत में बिफीडोबैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है।

[जरुर पढ़ें: एंटीबायोटिक दवाओं का विकल्प बन सकते हैं ये एंटीबायोटिक हर्ब्स]

एंटीबायोटिक्स के दुष्प्रभावों से बचने के लिए इसके सेवन के बाद कुछ खाद्य पदार्थों का खाने से इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है। इस आर्टिकल को इंग्लिश(English) में भी पढ़ें।

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