पॉटी से संबंधित तथ्य जो आपको पता नहीं होंगे

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सभी दिन में कई बार पॉटी करने जाते हैं लेकिन इससे संबंधित कोई बात नहीं करता है। साथ ही पॉटी के बारे में लोगों को बात करने में शर्मिंदगी महसूस होती है। जिसकी वजह से लोगों को बायोलॉजिकल फंक्शन के बारे में ठीक तरीके से पता नहीं होता है। अगर आप पॉटी के बारे में बात करना पसंद नहीं करते हैं या करना नहीं चाहते हैं तो आप पॉटी करते समय थोड़ा सा ध्यान देकर इससे जुड़ी कई बातों के बारे में जान सकते हैं। तो आइए आपको पॉटी से संबंधित कुछ तथ्यों के बारे में बताते हैं जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे। [ये भी पढ़ें: लिपस्टिक लगाना स्वास्थ्य के लिए हो सकता है हानिकारक]

पॉटी से दुर्गंध आती है लेकिन बहुत ज्यादा नहीं: पॉटी में बहुत सारे बैक्टीरिया होते हैं जो बहुत बदबूदार यौगिकों का उत्पादन करता है। पाद के दौरान होने वाली बदबू इन्हीं बैक्टीरिया की वजह से होती है। लेकिन यह कोई समस्या नहीं होती है। इन बैक्टीरिया की मात्रा संतुलित होने से पेट को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। अगर आपकी पॉटी से बहुत ज्यादा दुर्गंध आती है तो यह किसी समस्या के संकेत होते हैं।

पॉटी के भूरे रंग के होने का कारण होता है: जब फैट्स को तोड़ने वाला हरे रंग का तरल पदार्थ लिवर से होते हुए आंत में जाता है तो यह भूरे रंग के प्रोडक्ट का उत्पादन करता है जिसे स्टर्कोबीलिन कहते हैं। यह स्टर्कोबीलिन शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होता है जो पॉटी में एकत्रित होकर शरीर से बाहर निकल जाता है। इसके साथ ही आपकी पॉटी का रंग आप जो खाते हैं उस पर भी निर्भर करता है। [ये भी पढ़ें: हाई-प्रोटीन स्नैक्स जिन्हें खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती]

पॉटी में 75 प्रतिशत पानी होता है: जब आप स्वस्थ होते हैं तो आपकी पॉटी में 75 प्रतिशत तक पानी होता है। उसके अलावा 25 प्रतिशत बैक्टीरिया होते हैं, जो जीवित और मृत दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही इसमें फैट, प्रोटीन, फाइबर भी होते हैं जो पच नहीं पाते हैं। आपकी पॉटी में क्या होता है यह आपकी डाइट पर निर्भर करता है। फाइबर का सेवन करने के लिए कहने के पीछे एक अच्छा कारण होता है। फाइबर की वजह से पॉटी में पानी की मात्रा बढ़ती है। जो पॉटी को सही जगह पहुंचाने में मदद करते हैं।

एक दिन में आधा किलो पॉटी उत्पादित करते हैं: एक स्वस्थ व्यक्ति जिसका वजन 81 किलो हो वह एक दिन में कम से कम 0.45 किलो पॉटी उत्पादित करता है।

नियमितता महत्वपूर्ण होती है: ज्यादातर लोग दिन में एक बार लोग पॉटी करने जाते हैं लेकिन यह सभी के लिए हो ऐसा जरुर नहीं है। फ्रिक्वेंसी से ज्यादा नियमितता महत्वपूर्ण होती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटैक्नोलॉजी इंफोर्मेशन की एक स्टडी के अनुसार बहुत से लोग दिन में एक बार पॉटी करते हैं। खासकर जवान महिलाएं रोजाना पॉटी नहीं करती हैं। फ़्रिक्वेंसी केवल एक चिंता का विषय है। ज्यादातर लोगों को कब्ज की समस्या सही मात्रा में फाइबर का सेवन ना करने की वजह से होता है। [ये भी पढ़ें: क्रॉक्स पहनना पैरों के लिए नुकसानदायक हो सकता है]

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