दीपावली 2017: इस दिवाली वायु प्रदूषण से अपनी सुरक्षा कैसे करें

deepawali 2017 how to protect yourself from air pollution during diwali

दिवाली रोशनी, आनंद, उत्साह, उल्लास और खुशियों से भरा एक पर्व है। नए कपड़ों की खरीदारी करने और स्वादिष्ट भोजन की तैयारी करने से लेकर मिठाईयां खाने और विधि-विधान से पूजा करने तक पांच दिवसीय यह त्योहार मंगलकामनाएं लेकर आता है। रोशनी के लिए बल्ब और लाइटिंग के साथ-साथ लोग भी पटाखे भी चलाते हैं। हालांकि, उन्हें यह एहसास नहीं होता कि वे पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। हानिकारक पटाखों का व्यापक रुप से इस्तेमाल करने के बाद हर साल अधिकांश शहरों में कुछ दिनों तक धुंध जमी रहती है। दिवाली के समय वायु प्रदूषण एक चिंता का विषय रहता है। इससे वातावरण को तो नुकसान होता ही है साथ ही आपकी सेहत भी प्रभावित होती है। आइए जानते है कि इस साल दीपावली को स्वस्थ और सेहतमंद बनाने के लिए वायु प्रदूषण से अपनी सुरक्षा कैसे करें। [ये भी पढ़ें: दीपावली 2017: पटाखों के प्रदूषण से आंखों कौ कैसे बचाएं]

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करें
दीपावाली के समय बीमारियों से बचने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली का मजबूत होना जरुरी है। इसके लिए आप पानी का सेवन अधिक करें और अन्य पेय पदार्थों का सेवन बढ़ा दें। फैटी फूड खाने से बचें। सेब, ब्रोकोली, अखरोट और बीन्स आदि खाएं क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है।

अस्थमा के रोगी
अपने इन्हेलर को अपने साथ रखें, रिफिल्स भी मंगा ले। इस बात का ध्यान रखें कि आपका इइन्हेलर एक्सपायर ना हुआ हो। साथ ही समय पर अपनी जरुरी दवाईयां खरीद ले क्योंकि त्योहार के दौरान अधिकतर दुकानें बंद होती हैं। [ये भी पढ़ें: दिवाली 2017: मिठाई के इस त्योहार के दौरान वजन को कैसे नियंत्रित रखें]

अगर सांस लेने में दिक्कत हो तो..
अगर दिवाली के दौरान पटाखों या अन्य किसी कारण से आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो घबराएं नहीं और किसी ऐसी जगह पर जाएं जहां धुआं और प्रदूषण कम हो। गहरी सांस लें। गीले कपड़े का मास्क पहनें। अगर समस्या कम ना हो तो डॉक्टर से मिलें।

बच्चे और नवजात शिशु का ख्याल
दिवाली के समय जब चारों तरफ धुआं और पटाखों की आवाज होती है। इसलिए इस दौरान बच्चों को नवजात शिशुओं को अकेला ना छोड़ें। बच्चों को घर के अंदर रखें और खिड़की बंद रहने दें ताकि प्रदूषित हवा अंदर ना आ सके।

बुजुर्गों की देखभाल
इसी तरह बुजुर्गों का ख्याल रखना भी जरुरी है। बुजुर्गों को पटाखों के धुएं से जितना हो सके दूरी बनाक रखने को कहें। अगर वो पटाखें जला रहे हैं तो कोशिश करें कि उन्होंने सेफ्टी मास्क पहना हो। [ये भी पढ़ें: दिन में कितने कप ग्रीन टी का सेवन होता है उचित]

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