आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन आपके स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचाता है

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dangers of artificial sweeteners

अगर आपको डाइट सोडा का सेवन करना पसंद है तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। लो कैलोरी ड्रिंक्स, स्नैक्स जो आर्टिफिशियल स्वीटनर के बने होते हैं उनसे डायबिटीज ,मोटापा होने की संभावना होती है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल स्वीटनर की वजह से अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती है। साथ ही अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करना नुकसानदायक होता है। तो आइए आपको आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करने से स्वास्थ्य पर हने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: आदतें जो आपको दस साल अधिक जीने में मदद करती हैं]

डिप्रेशन से ग्रसित हो सकते हैं: एक स्टडी के मुताबिक आर्टिफिशियल स्वीटनर व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करने से व्यक्ति डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर और पैनिक अटैक से ग्रसित हो सकता है। जो व्यक्ति बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रसित होता है उसके मूड स्विंग होते रहते हैं। अत्यधिक मात्रा में आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करने से डिप्रेशन से ग्रसित हो सकता है जिसे फिर दवाइयों से ही कंट्रोल किया जा सकता है। इस तरह की कंडीशन से बचने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करना कम कर देना चाहिए।

शुगर क्रेविंग बढ़ जाती है: मिठाईओं को स्वादिष्ट बनाने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर से बढ़ने वाली शुगर क्रेविंग से परहेज करना मुश्किल होता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर मीठे की क्रेविंग को पूरी तरह से कम नहीं कर पाती है। [ये भी पढ़ें: लंबाई बढ़ाने के लिए क्या खाएं]

वजन बढ़ना: आर्टिफिशियल स्वीटनर वजन कम करने में मदद नहीं करता है। जो लोग रोजाना किसी ना किसी रुप में आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करते हैं तो इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। आर्टिफिशियल स्वीटनर गुट बैक्टीरिया को प्रभावित करते हैं जिससे वजन बढ़ने लगता है।

हार्मोनल समस्या: रोजाना आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करने से इंसुलिन हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है। जब आपकी जीभ पर मीठा स्वाद होता है फिर चाहे आप कैलोरी या कैलोरी के बिना इनका सेवन करते हैं तो शरीर इंसुलिन हार्मोन को रिलीज करता है। इंसुलिन की मात्रा बढ़ने से ब्लड शुगर बढ़ जाती है। जो शुगर क्रेविंग की वजह से होता है और आप ज्यादा खाने लगते हैं। [ये भी पढ़ें: हर समय ठंड क्यों महसूस होती हैं]

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