गर्मियों में स्वास्थ्य से जुड़े मिथक जिन पर विश्वास ना करें

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गर्मियों में स्वास्थ्य से जुड़े कुछ मिथकों पर लोग विश्वास करके शरीर को नुकसान पहुंचा लेते हैं।

गर्मियों के मौसम में हीट, डिहाईड्रेशन की बहुत दिक्कत हो जाती है जिसकी वजह से लोग परेशान रहते हैं। लोग गर्मियों से दूर भागना पसंद करते हैं क्योंकि इसमें बहुत सी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही लोग गर्मियों से जुड़े कुछ मिथकों पर विश्वास करने लगते हैं। गर्मियों में स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों पर विश्वास करने से सिर्फ आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है। इसलिए व्यक्ति को गर्मियों के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए इन मिथकों से दूर रहना चाहिए। तो आइए आपको गर्मियों में स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों के बारे में बताते हैं जिनपर भूलकर भी विश्वास ना करें। [ये भी पढ़ें: आसपास के लोगों को फ्लू हो तो खुद को कैसे बचाएं]

गर्मियों में स्वास्थ्य से जुड़े मिथक:

  • हाइड्रेट रहने के लिए किसी भी पेय का सेवन कर सकते हैं
  • जिस दिन धूप ना हो उस दिन सनस्क्रीन नहीं लगानी
  • एयर कंडीशनर कमरे में बैठने से बीमार हो सकते हैं
  • ज्यादा पसीना आने का मतलब विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकलना होता है
  • स्विमिंग के बाद नहाने की जरुरत नहीं होती है

हाइड्रेट रहने के लिए किसी भी पेय का सेवन कर सकते हैं:

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गर्मियों में सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

यह बात सच है कि आपको गर्मियों में हाइड्रेट रहने के लिए ज्यादा पानी पीना चाहिए क्योंकि ज्यादा पसीना आने की वजह से डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं कि आप प्यास बुझाने के लिए किसी भी ड्रिंक का सेवन कर लें। एल्कोहोलिक ड्रिंक की वजह डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। साथ ही सॉफ्ट ड्रिंक भी शरीर के लिए हानिकारक होती है।

जिस दिन धूप ना हो उस दिन सनस्क्रीन नहीं लगानी:

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गर्मियों में हर दिन सनस्क्रीन लगाना जरुरी होता है।

किसी भी तरह का मौसम क्यों ही ना हो आपको त्वचा के स्वास्थ्य को लेकर खतरा नहीं लेना चाहिए। बेशक धूप ना निकली हो फिर भी आप सूरज की यूवी किरणों से प्रभावित हो सकते हैं तो हमेशा सनस्क्रीन लगाएं। सनस्क्रीन को घर भी बनाया जा सकता है कैसे जानने के लिए क्लिक करें।

एयर कंडीशनर कमरे में बैठने से बीमार हो सकते हैं: जब आप किसी एयर कंडीशनर रुम में बैठे होते हैं तो आप दो मौसम के बीच में होते हैं। मतलब आपके कमरे के बाहर गर्म मौसम होता है तो वहीं कमरे में ठंडक होती है। इसकी वजह से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। लेकिन इसका कोई सीधे तौर पर संपर्क नहीं होता है।

ज्यादा पसीना आने का मतलब विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकलना होता है: शरीर के तापमान को सामान्य रखने के लिए पसीना आना बेहद जरुरी होता है। इसी की वजह से व्यक्ति को गर्मी में ज्यादा पसीना आता है। ज्यादा पसीना आने से यह मतलब नहीं होता है कि आपके शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल रहे हैं, इसका मतलब यह है कि आपके शरीर से तलर पदार्थ बाहर निकल रहे हैं।

स्विमिंग के बाद नहाने की जरुरत नहीं होती है: स्विमिंग को नहाने से बदा नहीं जा सकता है। स्विमिंग पूल के पानी में क्लोरीन होती है जो त्वचा के लिए हानिकारक होती है। इसके बाद नहाना जरुरी होता है। [ये भी पढ़ें: जीभ को साफ करने के लिए टिप्स]

गर्मियों में स्वस्थ रहने के लिए गर्मियों से जुड़े मिथकों पर विश्वास करने से बचना चाहिए। ताकि खुद को स्वस्थ रखा जा सके।

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