हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी में कौन से खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए

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थायरॉइड ग्रंथि हार्मोन का स्राव करती है जो कि शरीर के विभिन्न अंगों के क्रिया-कलापों को नियंत्रित करती है। थायरॉइड के कम सक्रिय होने के कारण थायरॉक्सिन हार्मोन का स्राव कम होता है जिससे शरीर पर कई दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। थायरॉइड हार्मोन दिल की धड़कनों, कैलोरी बर्निंग प्रोसेस आदि को नियंत्रित करते हैं। थायरॉइड हार्मोन के कम स्राव के कारण आप थका हुआ महसूस करते हैं। इससे डिप्रेशन और मोटापा जैसी परेशानियां भी पैदा हो जाती है। थायरॉइड की समस्या को पूरी तरह खत्म तो नहीं किया जा सकता लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ इसके प्रभावों को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों के बारे में जो थायरॉइड की समस्या को कम करने के लिए लाभकारी होते हैं।[ये भी पढ़ें: मसूड़ों की सूजन कम करने के लिए टिप्स]

1.ब्राजील नट्स: ब्राजील नट्स में पर्याप्त मात्रा में सेलेनियम होता है जो कि थायरॉइड हार्मोन के स्राव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसलिए थायरॉइड की परेशानी में ब्राजील नट्स खाना लाभकारी होता है।

2.संपूर्ण अनाज: थायरॉइड ग्रंथि के एक्टिव ना होने के कारण कब्ज की परेशानी पैदा हो जाती है क्योंकि इससे मेटाबॉलिज्म कम हो जाता है। संपूर्ण अनाज में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है जो कि बोवेल मूवमेंट को सही बनाए रखता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। [ये भी पढ़ें: आपका आहार कैसे शरीर की गंध को प्रभावित करता है]

3.कम फैट वाला योगर्ट: हाइपोथायरायडिज्म के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती है। इसलिए योगर्ट का सेवन लाभकारी होता है। योगर्ट में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है इसलिए लो-फैट योगर्ट खाना हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी में लाभकारी होता है।

4. बेरीज़: बेरीज़ एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। बेरीज़ में पर्याप्त मात्रा में विटामिन A,विटामिन c,विटामिन E जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं। बेरीज़ खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है जिससे बीमारियों से बचाव होता है। बेरीज़ फाइबर का भी अच्छा स्रोत होती है जो कि पाचन तंत्र के लिए लाभकारी होता है इसलिए बेरीज़ का सेवन करना फायदेमंद होता है।

5.फिश: फिश जैसे साल्मन, मर्केल,टूना आदि में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो कि दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। फिश का सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है जिससे कार्डियोवॉस्कुलर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है इसलिए थायरॉइड की समस्या के दौरान फिश खाना फायदेमंद होता है।[ये भी पढ़ें: बॉडी मास इंडेक्स से जुड़ी गलतफहमियां और इनके सच]

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