Ayurveda tips for Digestion: पाचन को बेहतर करने के लिए थामें आयुर्वेद का हाथ

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Ayurveda Secrets of Good Digestion

पाचन बेहतर होने से आपका संपूर्ण स्वास्थ्य सही रहता है।

Ayurveda tips for Digestion: क्या भोजन करने के बाद आपको पाचन संबंधी समस्याएं जैसे गैस, पेट में दर्द, ब्लोटिंग, असहज पेट, जी जलना, कब्ज, थकान आदि होने लगती हैं तो आपको इस पर ध्यान देने की जरुरत है। आपके पेट का स्वास्थ्य केवल आपके आहार पर निर्भर नहीं करता है बल्कि आप भोजन कैसे खाते हैं, यह भी महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद लंबे समय से कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद के अनुसार, पाचन को बेहतर रखने के लिए, हम क्या खाते हैं, केवल इस पर ध्यान नहीं देना है बल्कि हम कैसे खाते हैं, ये जानना भी जरुरी है। अगर आपका पाचन अच्छा रहता है तो यह आपके आहार से सही तरह से पोषक तत्वों को अवशोषित कर पाता है जिससे आपके पूरे शरीर को पोषक तत्व की आपूर्ति होती है। इसलिए आइए जानते हैं कि आप आयुर्वेद की मदद से कैसे पाचन को बेहतर कर सकते हैं। [ये भी पढ़ें: भोजन करने से पहले और बाद में किन बातों का ध्यान रखें]

Ayurveda tips for Digestion: आयुर्वेद की मदद से कैसे पाचन को बेहतर कर सकते हैं

  • भूखे होने पर ही खाएं
  • खाना खाते वक्त कोई काम ना करें
  • लंच में सबसे ज्यादा खाएं
  • लस्सी पिएं
  • भोजन के बाद रिलैक्स करें, टहलें

भूखे होने पर ही खाएं
अगर आप भूख ना होने पर खाते हैं तो इससे आपको गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो जाती है। इसलिए तब ही खाएं जब आपको भूख लगे। जब आपका पेट सच में खाली होता है तो डाइजेस्टिव एंजाइम्स मजबूत होते हैं जिससे वो खाने को आसानी से तोड़ पाते हैं। इससे पाचन अच्छा रहता है।

खाना खाते वक्त कोई काम ना करें
आजकल लोग भोजन करते वक्त भी मल्टीटास्किंग करते हैं जिसका असर उनके पाचन पर होता है। डेस्क पर बैठकर खाना, कार में भोजन करना, या भोजन करते वक्त कुछ काम करते रहना, ये सभी चीजें आपके पाचन को प्रभावित करती हैं। हमारे शरीर को आहार से जरुरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने के लिए एक शांत माहौल में भोजन करने की जरुरत होती है। [ये भी पढ़ें: भोजन के तुरंत बाद पेट में दर्द होने के कारण]

लंच में सबसे ज्यादा खाएं

Ayurveda tips for better digestion
Digestion Ayurvedic tips: लंच के समय डाइजेस्टिव फायर(पाचन अग्नि) सबसे मजबूत होती है।

आयुर्वेद के अनुसार, जब सूरज अपने उच्चतम बिंदु पर होता है तो उस वक्त डाइजेस्टिव फायर(पाचन अग्नि) सबसे मजबूत होती है। इस दौरान लंच में सबसे अधिक खाएं ताकि आपके शरीर को दिनभर के पोषण की आपूर्ति हो सके। इसके अलावा, डिनर में सबसे हल्का भोजन करें क्योंकि इस दौरान आपका पाचन तंत्र कमजोर होता है।

लस्सी पिएं

Ayurvedic Practices to Improve Your Digestion
Digestion Ayurvedic tips: लस्सी में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो आंतों को लुब्रिकेट करते हैं।

भोजन के साथ या भोजन करने के बाद ताजा दही से बना लस्सी पिएं। दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो आंतों को लुब्रिकेट करते हैं। इससे पाचन में मदद मिलती है। इसके अलावा आप दही भी खा सकते हैं। [ये भी पढ़ें: लस्सी पीना शरीर के लिए कैसे फायदेमंद होता है]

भोजन के बाद रिलैक्स करें और टहलें
लोग अक्सर भोजन के तुरंत बाद किसी काम में व्यस्त हो जाते हैं जिससे पाचन तंत्र की अवशोषण क्षमता कम होती है। इसलिए भोजन के बाद थोड़ा समय लें। शरीर को रिलैक्स होने दें। इसके अलावा थोड़ी देर टहल लें।

[जरुर पढ़ें: भोजन करने के बाद कभी ना करें ये काम]

ये कुछ आयुर्वेदिक टिप्स हैं जो आपके पाचन को बेहतर करने में मदद करते हैं। इनका पालन करके आप स्वस्थ रह सकते हैं। इसके अलावा खाना खाते वक्त टीवी ना देखें और सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन ना करें। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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