उम्र के अनुसार, ब्लड प्रेशर की कितनी दर सामान्य है

Read in English
according to your age what is the Normal blood pressure range

 

आज के समय में ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएँ काफी आम हैं और अधिकतर लोग इस समस्या से पीड़ित हैं। एक स्टडी के अनुसार, भारत में करीब 200 मिलियन वयस्क उच्च रक्तचाप की समस्या के शिकार हैं। लोग इसके बारे में बातें तो बहुत करते हैं लेकिन बहुत कम ही लोग इससे जुड़ी सही जानकारी से वाकिफ होते हैं। हमारे शरीर में ब्लड प्रेशर की सामान्य दर क्या है, यह जानने से पहले हमें पता होना चाहिए कि ब्लड प्रेशर क्या है? हमारा हृदय नियमित रुप से धड़कता है और यह हमारे शरीर में ब्लड को पंप करता है। हमारे रक्त में उर्जा और ऑक्सीजन होती है जो कि सारे शरीर को प्राप्त होती है। जैसे-जैसे रक्त प्रवाह होता है, यह रक्त धमनियों पर दबाव बनाता है और जितना ताकत हमारा रक्त रक्त धमनियों पर दबाव बनाते वक्त इस्तेमाल करता है उसे ब्लड प्रेशर कहते हैं। स्वस्थ रहने के लिए ब्लड प्रेशर का सामान्य होना जरुरी है। आइए जानते हैं कि उम्र के अनुसार, ब्लड प्रेशर की कितनी दर सामान्य है। [ये भी पढ़ें: स्वास्थ्य से जुड़े मिथक जिन पर आपको विश्वास नहीं करना चाहिए]

बच्चों में ब्लड प्रेशर की दर
जब शिशु का जन्म होता है तो उस समय उसका ब्लड प्रेशर सबसे कम होता है, लेकिन यह उम्र के साथ बढ़ जाता है। आमतौर पर शिशु का ब्लड प्रेशर सामान्य होता है। हालांकि यह बच्चे के विकास पर भी निर्भर करता है। अगर बच्चों में ब्लड प्रेशर की दर 85 से अधिक होती है तो यह एक खतरे का संकते है।

युवाओं और वयस्को में ब्लड प्रेशर की दर
अगर आप युवावस्था में हैं या वयस्क हैं तो इन दोनों समय में ब्लड प्रेशर की दर सामान होती हैं। इस उम्र में आपका ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। यहां 120 सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर है और 80 डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर है। [ये भी पढ़ें: आपकी आदतें जो प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाती है]

डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर और सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर क्या है
ब्लड प्रेशर दो प्रकार से मापा जाता है। सामान्य ब्लड प्रेशर में बात करने के दौरान आपको पता होना चाहिए कि इसे कितनी तरह से मापा है और इनका क्या अर्थ है।

सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर
साधारण शब्दों में, जब हृदय धड़कता है तो उस वक्त डाला जाने वाला दबाव या प्रेशर सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहलाता है।

डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर
जब हृदय रिलैक्स करता है तो उस वक्त डाला जाने वाला दबाव या प्रेशर डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहलाता है।

सामान्य से ज्यादा ब्लड प्रेशर
अगर आपका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर सामान्य दर 120 से ज्यादा होता है तो यह एक समस्या का संकते हैं। यह दर 140 तक होती है तो इसे प्रीहाइपरटेंशन कहते हैं और इस दौरान कम खतरा होता है। अगर यह दर 140 के पार होती है तो इस स्थिति को हाइपरटेंशन या उच्च रक्त चाप कहते हैं और यह गंभीर समस्या है।

सामान्य से कम ब्लड प्रेशर
अगर आपका डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर सामान्य दर 80 से कम है तो यह भी असामान्य स्थिति है और इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। इस स्थिति को निम्न रक्तचाप कहते हैं। इस दौरान चक्कर आना, थकान होना, सिर घूमना जैसे संकेत दिखते हैं। [ये भी पढ़ें: बातें जो आपका चेहरा आपके स्वास्थ्य के बारे में बताता है]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "