जानु-शीर्षासन करने की विधि और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ

जानु शीर्षासन अष्टांग योगासन का ही एक हिस्सा है। जिसे बैठकर किया जाता है। इस योगासन में सिर को घुटने से टच कराते हैं इसलिए हैड टू नी पोज भी कहते हैं। इसे करते समय कुछ जानकारियां रखना बेहद जरुरी होता है। चिंता से राहत दिलाने के लिए यह बहुत ही फायदेमंद होता है। जिसे सुबह या शाम किसी भी समय किया जा सकता है। इसे करते समय आपको काफी मात्रा में ऊर्जा की जरुरत होती है। जानु शीर्षासन शरीर को कई समस्याओं से राहत दिलाने में फायदेमंद होता है। तो आइए आपको बताते हैं कैसे जानु-शीर्षासन किया जाए और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: वीरभद्रासन करने की विधि और उसके स्वास्थ्य लाभ]

जानु शीर्षासन करने की विधि:

  • इसे करने के लिए सबसे पहले फर्श पर पैर फैलाकर बैठ जाएं। उसके बाद अपने दाएं पैर को जांघ से छिपका कर करें। इस दौरान आपके पैरों की अंगुलियां और आपकी कमर सीधी रहनी चाहिए।
  • अब बाएं हाथ को ऊपर की तरफ लेकर जाएं उसके बाद सांस लेते और छोड़ते हुए, कमर को मोड़ते हुए हाथ को आगे की तरफ लेकर जाएं और अंगुठे को पकड़ें।
  • अब दाएं हाथ को ऊपर की तरफ लेकर जाएं। उसके बाद अपनी फ्लेक्सिबिलिटी के अनुसार हाथ को बाएं तरफ लेकर जाएं।
  • इसके बाद जब आपको सहज महसूस होने लगे तो हाथ को और नीचे की तरफ ले जाते हुए अंगूठा पकड़ने की कोशिश करें।
  • दोनों अंगूठे से हाथ को पकड़ते हुए ऊपर की तरफ देखें। इस मुद्रा में 5-10 सेकेंड तक रहें। इसी तरह से दूसरी तरफ से भी करें।

जानु-शीर्षासन से होने वाले फायदे:

  • डायबिटीज से ग्रसित लोगों के लिए यह बहुत ही फायदेमंद होता है।
  • जो लोग अपने पेट को टोम करना चाहते हैं उनके लिए भी जानु-शीर्षासन मददगार होता है।
  • कमर, हैमस्ट्रिंग, कोर मसल्स के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • सिरदर्द, चिंता और थकावट के लिए भी जानु-शीर्षासन करना चाहिए।
  • पाचनअंगों की मसाज जिससे पाचन में सुधार हो सके उसके लिए यह बहुत फायदेमंद होता है। [ये भी पढ़ें: मत्स्येन्द्रासन करने की विधि और उसके स्वास्थ्य लाभ]
  • जानु-शीर्षासन करते समय बरतें सावधानियां:
  • अगर आपको अस्थमा या डायरिया की समस्या हो तो इसे करने से बचना चाहिए।
  • घुटनों में चोट लगी हुई है तो आप ज्यादा फ्लेक्स ना हों। साथ ही सपोर्ट के लिए कंबल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • अगर कमर में कोई समस्या है तो इसे करने से बचना चाहिए। [ये भी पढ़ें: भूनमनासन करने की विधि और इसके स्वास्थ्य लाभ]
उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "

Amrita Lohia

Amrita

As a transformational and power yoga instructor, she is committed to creating a holistic routine for her students especially for the ones suffering from...