पहली तिमाही में गर्भवती महिलाओं के दिमाग में क्या ख्याल आते हैं

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Thoughts Pregnant Moms Have in the First Trimester

जब एक महिला गर्भवती होती है तो उनके दिमाग में बहुत से ख्याल आते रहते हैं और ऐसा तब खासतौर पर होता है जब वो पहली बार मां बनने वाली होती है क्योंकि ऐसा अनुभव वो पहली बार कर रही होती हैं। पहली तिमाही के दौरान महिलाएं बहुत उत्सुक होती है और अलग-अलग प्रकार के ख्याल आते हैं। इसके अलावा उनकी भावनाओं में भी उतार-चढ़ाव आते हैं। उन्हें ऐसा भी महसूस होने लगता है कि बच्चे के आने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदलने वाली है और उनके ऊपर बहुत सी जिम्मेदारी आने वाली है और क्या पता इन्हें वो कैसे संभालेंगी। इस तरह के और भी कई ख्याल आते रहते हैं। हालांकि इसमें कोई घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि यह नॉर्मल है। आइए जानते हैं पहली तिमाही में गर्भवती महिलाओं के दिमाग में और क्या-क्या ख्याल आते हैं। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का चालीसवां सप्ताह]

बच्चे के बारे में सोचना:
जब एक महिला अपने गर्भावस्था की पहली तिमाही में होती है तो वो अपने आने वाले बच्चे के बारे में बहुत सी बातें सोचते रहती हैं। अपने दिमाग में उनका इमेज बनाती हैं और ये भी सोचती हैं कि क्या उनका बच्चा उनकी तरह दिखेगा। यह ख्याल उनके अंदर एक खुशी को बढ़ावा देती है।

वापस से नॉर्मल जिंदगी बिताने के बारे में सोचना:
पहली तिमाही के दौरान लगभग हर गर्भवती के दिमाग में यह ख्याल जरूर आता है कि क्या वो बच्चे के आने के बाद वापस से नॉर्मल जिंदगी बिता पाएंगी या नहीं। क्या बच्चे के आने के बाद उनकी उम्र पहले से अधिक लगने लगेगी। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोन में बदलाव आते रहते हैं। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का अड़तीसवां सप्ताह]

प्रेग्नेंस का समय कैसा बितेगा:
गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते हैं जिसकी वजह से मूड में बदलाव आते रहता है। ऐसे में एक गर्भवती महिला के दिमाग में ये ख्याल आना स्वभाविक है कि उनका पूरा नौं महीना कैसा बितने वाला है। कहीं पूरे प्रेग्नेंसी के दौरान उनका मूड एक जैसा ही तो नहीं रहने वाला है।

अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में किसी को बताना है या नहीं:
पहली तिमाही बहुत संवेदनशील होती है तो ऐसे में ज्यादातर महिलाएं अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में किसी को नहीं बताना चाहती हैं। ऐसे में पहली बार मां बनने वाली महिलाओं के दिमाग में यह एक शंका होती है कि क्या वो इस बात को किसी को बताए या नहीं।

बच्चे के आने की तैयारी के बारे में सोचना:
पहली तिमाही में महिलाएं बहुत उत्सुक रहती हैं, इस वजह से वो अपने बच्चे के आने के बाद के बारे में सोचना शुरू कर देती हैं। उनके लिए अच्छी-अच्छी चीजें खरीदने में बारे में भी सोचने लगती हैं। हालांकि पहली तिमाही प्रेग्नेंसी की शुरूआत होती है और इन सब को करने में बहुत समय होता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का पैंतीसवां हफ्ता]

 

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