प्रेग्नेंसी का सोलहवां सप्ताह

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Sixteenth Week of Pregnancy

प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही के दौरान हमेशा डॉक्टर के संपर्क में रहना बहुत आवश्यक होता है, ताकि आप जान सके की आपका बच्चा स्वस्थ है या नहीं। फिटनेस एक्सपर्ट का कहना है की कम से कम 20 मिनट तक रोजाना आपको वर्कआउट करने की जरूरत है, ताकि आपका शरीर बच्चे को बाहर लाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाए। वर्कआउट करने से आपको लेबर पेन से लड़ने की ताकत भी मिलेगी। गर्भावस्था के अंत में दर्द होना शुरू होता है, तब तक आप गर्भवती होने का पूरा आनंद उठा सकती हैं। आइए आपको बताते हैं प्रेग्नेंसी के सोलहवें हफ्ते के दौरान आपके शरीर में क्या बदलाव आने लगते हैं। [ ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का सत्रहवां सप्ताह]

मां के शरीर में होने वाले बदलाव:सोलहवें हफ्ते में मां के शरीर का सबसे बड़ा परिवर्तन उनके स्तन में दिखता है। सोलहवें हफ्ते में मां स्तनपान करने के लिए तैयार हो जाती हैं, जिसके कारण उनके स्तन का आकार बड़ा होने लगता है। दूध की ग्रंथियां बननी शुरू हो जाती हैं और नसों में रक्त संचार तेज़ हो जाता है जिसके कारण नसें दिखने लगती हैं। मां अपने गर्भ का वजन बढ़ा हुआ महसूस करने लगती है और उनके कमर का आकार भी बढ़ जाता है और कमर में खिंचाव भी आने लगता है। प्रेग्नेंसी के इस हफ्ते में पीठ दर्द बहुत आम बात होती है और एक औरत का वजन 2 से 4 किलो तक बढ़ जाता है।

बच्चे का विकास:सोलहवें हफ्ते में बच्चे की लंबाई लगभग 5 इंच लंबी हो जाती है और वजन 110 ग्राम  बढ़ जाता है। चेहरे की मांसपेशियां विकसित होने लगती हैं।  गुप्तांग पूरी तरह से विकसित हो जाता है,  बच्चा अपनी हाथों कि मदद से आंखों तक रोशनी को पहुंचने से रोकता है। मूत्र और संचार प्रणालियां कार्य करनी शुरू हो जाती हैं और बच्चे का दैनिक रक्त पंप करने में सक्षम हो जाता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का पंद्रहवां सप्ताह]

प्रेग्नेंसी के दौरान भोजन:
क्या खाएं:प्रेग्नेंसी के दौरान सही पोषण का होना बेहद जरुरी होता है। फाइबर, प्रोटीन, फोलिक एसिड, विटामिन, मिनरल, खनिज जैसे पोषक तत्वों से परिपूर्ण भोजन का सेवन करना बेहद जरुरी होता है। ऐसे भोज्य पदार्थों का सेवन करें जिनमे ये पोषक पदार्थ मिले। हरी सब्जियां, फल, मेवे, दुग्ध उत्पाद, मछली इत्यादि का सेवन करना पोषण के लिए सही होता है। जो लोग मांस नहीं खाते उनके लिए दाल, सोयाबीन प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं।

क्या न खाएं: सी फ़ूड, अधपका मांस, कच्चे अंडे, बाजारू भोजन, फास्ट फ़ूड, मसालेदार भोजन के सेवन से परहेज करें। कैफीन और अल्कोहल का सेवन भी न करें। इनका आपके, और आपके गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरसाइज:
क्या करें:
इस दौरान हल्के व्यायाम करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इस दौरान व्यायाम करना प्रसव के समय होने वाली कई समस्याओं को कम कर देता है इसलिए इस दौरान व्यायाम करना काफी अच्छा होता है। हलके व्यायाम जैसे टहलना, सुबह सुबह हल्के हल्के दौड़ना, घास पर चलना, योग और मेडिटेशन करना काफी अच्छा साबित होता है।

क्या न करें:
ऐसे व्यायाम जिनमे भारी वजन उठाया जाता हो या फिर जिसमे सांस रोकने की आवश्यकता हो वैसे व्यायाम न करें।

प्रेग्नेंसी के दौरान पहनावा:
क्या पहनें: सूती कपडे पहने। ऐसे कपड़ों का चुनाव करें जो ढीले-ढाले और खुले हों और जो पहनने में आरामदायक हों।

क्या न पहनें: भारी-भरकम कपडे़ और सिंथेटिक कपड़ों से बने कपडे न पहनें। चुस्त कपडे न पहनें।

मानसिक स्वास्थ्य:प्रेग्नेंसी के दौरान भावनात्मक बदलाव का आना स्वाभाविक है। इस दौरान मूड स्विंग, जल्दी चिडचिडा हो जाना, बहुत जल्दी भावुक हो जाना आम हो जाता है। इन समस्याओं से जूझने के लिए सबसे जरुरी है आपका मानसिक रूप से मजबूत होना। नकरात्मक विचारों को तनाव को खुद पर हावी न होने दें। मन में किसी बात का बोझ न रखें और अपनी बाते खुल के अपने करीबियों से साझा करें। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का चौदहवां सप्ताह]

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