प्रेग्नेंसी का सत्ताइसवां सप्ताह

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27th week of know what to expect during this time

प्रेग्नेंसी का सत्ताइसवां हफ्ता मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है। यह हफ्ता प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही के अंत और प्रेग्नेंसी के आखिरी दौर की शुरुआत को दर्शाता है। इस दौरान बच्चा आपके गर्भ में सोना जागना शुरू कर देता है, साथ ही बच्चे का वजन भी बढ़ता है। आइए जानते हैं कि 27वें हफ्ते में मां और बच्चे के शरीर में और क्या परिवर्तन आते हैं तथा इस दौरान मां को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मां में होने वाले शारीरिक बदलाव: सत्ताईसवें हफ्ते में आप खुद को खाने की इच्छा पर नियंत्रण करते हुए पाएंगी। यह बात ध्यान में रखें कि आपको अपने पोषण के अलावा गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बस 300-500 कैलोरी ही ज्यादा चाहिए। जैसे-जैसे आपके गर्भाशय के आकार में वृद्धि होगी आपकी छाती के ऊपरी भाग में दबाव बढ़ेगा और इसके फलस्वरूप आपको छाती में दर्द होगा। इससे घबराने की जरुरत नहीं है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें। इस हफ्ते तक आते-आते आप अपनी गर्दन, हाथ, पैर, टखनों, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन महसूस करेंगी। ऐसी स्थिति में बायीं तरफ ही लेट कर आराम करने की कोशिश करें और जितना हो सके रिलैक्स करें।

बच्चे में होने वाला विकास: इस हफ्ते तक आते-आते गर्भ में पल रहे शिशु की लम्बाई 14.4 इंच तक और वजन 861 ग्राम हो जाएगा। आप इस हफ्ते से महसूस करेंगी कि गर्भ में पल रहा शिशु सोने और जागने का अपना समय बना चुका है। इस स्थित्ति में डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप तभी आराम करें जब आपके गर्भ में पल रहा शिशु आराम कर रहा हो। इस हफ्ते तक गर्भ में पल रहे शिशु के दिमाग की कोशिकाएं भी विकसित होना शुरू हो जाती हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है की इस दौरान गर्भ में पल रहा शिशु सपने भी देखना शुरू कर देता है। हालांकि अभी इस बात का विशेषज्ञों के पास कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है। आप अपने गर्भ में पल रहे शिशु को हिचकियां लेते हुए भी महसूस कर सकती हैं। इस हफ्ते तक आते-आते गर्भ में पल रहे शिशु के फेफड़े भी विकसित होना शुरू हो जाते हैं। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का छब्बीसवां हफ्ता]

प्रेग्नेंसी के दौरान भोजन:

क्या खाएं: पोषण से युक्त भोजन का सेवन करें जैसे कम वसा वाला दूध, अनाज, फल और सब्जियां। पोषण तत्व जैसे कैल्शियम, प्रोटीन, मिनरल्स आदि गर्भ में पल रहे बच्चे के सम्पूर्ण विकास के लिए आवश्यक हैं। कभी-कभी अपने स्वाद को बदलने के लिए थोड़ी मात्रा में तीखा और पसंदीदा खाना खा सकती है। अगर आप कुछ अलग खाएंगी तो बच्चे को भी अलग स्वाद का अनुभव होगा। इसेक साथ ही पानी भी पर्याप्त में पिएं।

क्या ना खाएं: प्रेग्नेंसी के दौरान आपको बहुत ही समझदारी के साथ अपने आहार का चुनाव करना चाहिए। इस दौैरान सी-फूड का सेवन ना करें जैसे मछली जिसमें मर्करी की मात्रा अधिक हो, वह नहीं खाना चाहिए। फलों और सब्जियों को बिना धोएं ना खाएं। साथ ही एल्कोहल और धूम्रपान से परहेज करें। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का अट्ठाइसवां सप्ताह]

एक्सरसाइज: इस हफ्ते से खुद को मानसिक रुप से आराम देने के लिए आप योग कर सकती है। हैवी और ज्यादा समय तक कोई एक्सरसाइज ना करें। इससे आपके बंप पर दबाव बनेगा और आपको थकान हो सकती है। सुबह और शाम के समय पार्क या गार्डन में घूम सकती है। एरोबिक्स एक्सरसाइज ना करें।

पहनावा: अपने बंप को सुंदर बनाने के लिए सुंदर-सुंदर ड्रेस पहनें। ऐसा पहनें जो आपको अच्छा महसूस कराएं। बंप को छुपाने के लिए कोई कपड़ो का चुनाव ना करें। आप प्रेग्नेंसी में भी हॉरिजोंटल लाइन्स की प्रिंट वाले या ऑल ऑवर प्रिंट वाली ड्रेस पहन सकती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य: मानसिक दबाव से बचें और आराम करें। इस सप्ताह खुद को खुश रखने के लिए अपने आने वाले बच्चे के बारे में सोचें। मन को बहलाने के लिए कहानियों की किताबें पढ़े और बच्चे को सुनाएं। ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु और आपके बीच रिश्ता मजबूत होगा। धीमा संगीत सुन सकती हैं। ऐसा करने से आपको तो शांति मिलेगी ही गर्भ में पल रहे शिशु को भी सुकून का अनुभव होगा।

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