प्रेग्नेंसी का बाइसवां सप्ताह

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22nd week of pregnancy know about the changes which occur mother and fetus

अब आप प्रेग्नेंसी के बाइसवें सप्ताह में प्रवेश कर चुकीं हैं। ये सप्ताह बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस सप्ताह में आप में बहुत ही ख़ास और गौर करने वाले परिवर्तन आएगें। इसी सप्ताह में आपको अपने शरीर में होने वाले खास परिवर्तन और अपने बच्चे के और पास होने का एहसास होने लगेगा। आपको बहुत से नए लक्षण देखने को मिलेगें, बहुत सी नई भावनाएं और अलग तरह का दर्द होने लगेगा। आइए जानतें हैं कि बाइसवें सप्ताह में होने वाले विकास, लक्षण और टिप्स के बारें में। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का इक्वीसवां सप्ताह]

मां के शरीर में बदलाव :
इस सप्ताह में आपके बच्चे में होने वाले परिवर्तन आपके शरीर में दिखने लगते हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा परिवर्तन आपके बच्चे के वजन में आता है। जिसके कारण आपकी कमर का साइज़ बढ़ने लगता है। आपको खुद यह महसूस होने लगता है कि आपके बच्चे का वजन प्रति सप्ताह एक पाउंड बढ़ रहा है। अगर आपके वजन में प्रेग्नेंसी की शुरुआत से अब तक 6 किलो की बढ़ोत्तरी हुई है, तो इसका मतलब है कि आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं। आने वाले सप्ताह में आपको थोड़ा और वजन बढ़ाने या घटाने की जरूरत हो सकती है। इसके लिए स्वस्थ भोजन का सेवन करें और साथ ही अपने डॉक्टर से इस बारें में बात करें। प्रेग्नेंसी के दौरान वजन सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। इन नौ महीनों में इनमें बहुत से उतार-चढ़ाव होते हैं। कई बार बहुत-सी महिलाओं में इस तरह के लक्षण देखने को नहीं मिलतें हैं। इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। इस दौरान खून का बहाव काफी तेज होने की वजह से योनि से स्राव हो सकता है, जो की सामान्य है। इसी सप्ताह में आप अपने गर्भाशय में बच्चे के मूवमेंट को महसूस करने लगेगीं।

बच्चे का विकास :
बाइसवें सप्ताह में बच्चे के वजन में और उसकी लम्बाई में भी परिवर्तन आपको साफ-साफ देखने को मिलता है। 22वां सप्ताह आते-आते आपके बच्चे का वजन लगभग 453 ग्राम हो जाता है और साथ ही साथ उसकी लम्बाई भी पिछले सप्ताह से बढ़कर 11 इंच की हो जाती है। आपका बच्चा अभी भी वसा के ऊतकों की कमी के कारण काफी पतला होता है मगर उसमें धीरे-धीरे परिवर्तन होने लग रहा है। उसकी त्वचा अभी झुर्रीदार होती है और लानुगो से ढकी होती है, लेकिन उसके शरीर के भीतरी अंगों में तेजी से विकास होने लगता हैं और साथ ही अब उसकी आंखे और भौहें अलग-अलग होने लगती है। यहां तक की उसकी आंखे अब पूरी तरह से विकसित हो चुकी होती है। बच्चे के लीवर में अब बहुत से एंजाइमों का बनना शुरू कर दिया होता है और बिलिरूबिन को तोड़ना शुरू कर देता है। इसके साथ ही लाल रक्त कोशिकाएं भी टूटने लगती है। बच्चे में मस्तिष्क संबंधित ग्रंथियां बनने लगती है, जिसके कारण वह छूना महसूस करने लगता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का तेइसवां सप्ताह]

प्रेग्नेंसी के दौरान भोजन:
क्या खायें :

आपको अब अपने खाने-पीने पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है जैसी डाइट आप अब तक लेती आई हैं उसी का और बेहतर रूप से सेवन करें। इस समय आपके बच्चे में काफी तेज से विकास होने लगता है इसलिए सही डाइट लेना बहुत जरुरी है। ऐसे में आपको प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन और आयरन का खास रूप से सेवन करना है यह सभी पोषक तत्व आपके और आपके होने वाले बच्चे की कोशिकाओं और मसल्स के विकास, हड्डियों की मजबूती, खून की मात्रा बढ़ाने का काम करते हैं।

क्या न खायें :
ऐसे में आपको उन खाद्य पदार्थों का बिल्कुल भी सेवन नहीं करना चाहिए जिसमें फैट बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता हो । यह आपके हृदय के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा कई बार बहुत सी महिलाओं को इस दौरान डायबिटीज की भी शिकायत होने की भी संभावना होती है इसलिए उन खाद्य पदार्थों का सेवन भी कम करें जिनमे शर्करा की मात्रा अधिक पायी जाती है। बहुत सी महिलाओं को ब्लड प्रेशर की शिकायत होने की संभावना होती है इससे बचने के लिए नमक का सेवन कम करें। यह दोनों ही समस्याएं प्रसव के समय गंभीर समस्या बन सकती है।

एक्सरसाइज :
इस दौरान आपको दिन में कम से कम 30 मिनट चलना चाहिए। इससे आपके शरीर में संतुलन बना रहेगा। आप दोनों पैरों से बटरफ्लाई के आकार में बैठकर, अपने पैरों को ऊपर नीचे कर सकती है जिससे आपके शरीर में लचीलापन आएगा जो प्रसव के समय आपके लिए मददगार साबित होगा। इसके साथ-साथ रोजाना नियमित रूप से योग और ध्यान करें यह आपको मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखेगा।

पहनावा:
कपड़ों के मामले में इस समय कई तरह की सावधानी रखना जरुरी है। उन्हीं कपड़ों को धारण करें जिसकों पहनने के बाद आपको किसी तरह की दिक्कत न हो। साथ-साथ कपड़ों की क्वालिटी पर भी ध्यान रखें, सिंथेटिक ,पॉलिस्टर से बने कपड़ों का प्रयोग न करें यह काफी गर्मी करते है। जिससे आपको घुटन जैसा महसूस हो सकता है। कपड़ों में सूती और मुलायम कपड़ों का चुनाव करें।

मानसिक स्वास्थ्य:
इस समय में अपने आप को तनाव मुक्त रखना बहुत जरूरी है। यह आपके और बच्चे दोनों के स्वास्थ के लिए लाभदायक है। इस दौरान अपने आप को खुश रखें। ताज़ी हवा में टहले जिससे आपको शांति मिलेगी जो तनाव और डिप्रेशन को कम करने का काम करेगी। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का चौबीसवां सप्ताह]

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