प्रेग्नेंसी का उन्नीसवां सप्ताह

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19th week of pregnancy: Know what to expect during this time

photo credit: netdoctor.co.uk

गर्भावस्था का उन्नीसवां सप्ताह मां और बच्चे दोनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सप्ताह होता है। अगर आपने अभी तक अपने बच्चे की गतिविधियों को महसूस नहीं किया है, तो उन्नीसवां हफ्ता सबसे अच्छा होता है, जब आप अपने बच्चे की हरकतों को महसूस कर सकते हैं। उन्नीसवें हफ्ते में आप अल्ट्रासाउंड के लेवल पर आ चुके होते हैं, जहां अल्ट्रासाउंड में आपको अपने बच्चे के अंगों का पता चलने लगता है। इस हफ्ते में एम्नियोटिक द्रव स्तर (Amniotic fluid levels)और भ्रूण की हृदयगति (fetal heart rate)गति को भी मापा जा सकता है।

मां के शरीर में बदलाव:
उन्नीसवें हफ्ते में शरीर के बाहरी हिस्से में अधिक परिवर्तन आने लगता है। सूखी और परतदार त्वचा मेटाबॉलिज्म और रक्त की मात्रा को बढ़ा देती है। जितना संभव हो सके उतना कैफीन या दूसरी नशीली चीजों से दूर रहें। कैफीन आपके ब्लड प्रेशर और हृदय की गति को बढ़ाता है। सोडा, फलों के रस और मीठा पेय पदार्थ शरीर में पानी के स्तर को बढ़ाने के बजाय कम कर देता है। बाहरी कृत्रिम मिठास का सेवन ना करें। जितना संभव हो उतना लोशन लगाएं ताकि आपकी स्किन में चिकनाहट बरकरार रहें और स्किन की समस्या से बच सकें।

बच्चे का विकास :
आपके बच्चे की लंबाई 7 इंच हो जाती है और वजन 198 ग्रा. का हो जाता है। बच्चे के हाथ और पैर अब शरीर के मुक़ाबले अनुपात हो जाते हैं और बाल भी आ जाते हैं। बच्चे में सुनने की शक्ति पूरी तरह से आ जाती है। उन्नीसवें हफ्ते में आपको बहुत अच्छे से अपने बच्चे की गतिविधियों का पता चलती है। बच्चा गर्भ में लगभग 20 घंटे तक सोता है। जब मां के सोने का समय होता है, उस समय बच्चा बहुत एक्टिव हो जाता है। ज़्यादा शोर आपके बच्चे को डरा सकता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का अठारहवां सप्ताह]

प्रेग्नेंसी के दौरान भोजन: क्या खायें और क्या न खायें:
क्या खायें:
इस दौरान आपको आयरन के युक्त भोजन करें जो आपके शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने का काम करेगा, इसके साथ-साथ खाने में उन खाद्य पदार्थ का सेवन करें जिसमें कैल्सियम की मात्रा अधिक हो, कैल्शियम बच्चे की बन रही हड्डियों के लिए काफी लाभदायक है। इसके साथ-साथ आपको प्रोटीन का भी सेवन करना चाहिए जो बच्चों और आपकी शरीर की कोशिकाओं और मसल्स को काफी मजबूती प्रदान करता है।

क्या न खायें:
वसा (saturated fat) वाले खाद्य पदार्थ ना खाएं – जैसे, पनीर, मक्खन, अधिक वसा वाला मीट और नारियल तेल। ट्रांस वसा में उच्च खाद्य पदार्थ से बचें- जैसे, कुकीज, केक, और डोनट्स।
संयंत्र आधारित वसा (Plant-based fats): जैतून का तेल, कनोला तेल और मक्का का तेल, नट, बीज और एवोकैडो का सेवन ना करें।

एक्सरसाइज:
इस बात का ध्यान रखें कि आप जो एक्सरसाइज आप करें उसके लिए पहले अपने डॉक्टर से जरुर सलाह करें। इस दौरान आपको योग, जिसमें आपको जॉगिंग, कार्डियो -वस्कुलर एक्सरसाइज करें यह आपके और आपके होने वाले बच्चे के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ के लिए बेहद जरुरी है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का बीसवां सप्ताह]

इस दौरान किस तरह के कपड़े पहने:
इस बात का ध्यान रखें कि आपको ऐसे में उस तरह के कपड़े न पहने जो बहुत ज्यादा चुस्त हो, इससे कई अन्य समस्याएं उत्पन्न होने लगती है, इस दौरान उन कपड़ों को पहने जिसके पहनने के बाद बैठने-उठने और चलने-फिरने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो। इसमें प्रमुख रूप से मैक्सी, कार्डिगन जैसे ढीले-ढीले कपड़े पहने।

मानसिक स्वास्थ:
गर्भावस्था के दौरान आपको थोड़ा भी तनाव नहीं लेना चाहिए, यह आपके और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए अपने आप को खुश रखें, पूरी नींद लें और निश्चित समय पर सोये और निश्चित समय पर उठें।

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