प्रेग्नेंसी का तेरहवां सप्ताह

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13th week of pregnancy: Body changes and symptoms

इस समय तक आपकी पहली तिमाही पूरी हो चुकी होती है और आप दूसरी तिमाही में प्रवेश कर चुकी होती है। इस समय में आप जितना स्वस्थ रहने की कोशिश करेंगी आपको उतनी ही कम परेशानी होगी। यह पहली तिमाही के अंत और गर्भ में पल रहे शिशु की वृद्धि और विकास का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। तीन महीने की प्रेग्नेंसी के बाद मिसकैरेज होने का डर भी कम हो जाता है। तेरहवें सप्ताह में मां को स्वस्थ भोजन का सेवन और व्यायाम करना चाहिए साथ ही डॉक्टरों के निर्देशों का भी पालन करना चाहिए।

मां के शरीर में आने वाले बदलाव
तेरहवें सप्ताह में यूट्रस में वृद्धि के कारण यह पेल्विक बोन्स से बाहर आने लगता है और मूत्राशय पर दबाव बनना शुरु हो जाता है। ऐसे में आपके कमर पर दबाव पड़ता है। तेरहवें हफ्ते में गर्भाशय के विस्तार और खिंचाव के कारण महिलाएं लिगामेंट्स (स्नायुबंधन) में दर्द का अनुभव करती है। ये दर्द बहुत भयानक होता है और ऐसे में आपको मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ सकती है। अगर इस दर्द के कारण खून के साथ किसी और तरल पदार्थ का रिसाव हो रहा है तो आपको डॉक्टर को जरुर दिखाना चाहिए ताकि आपको और आपके बच्चे को कोई खतरा ना हो। अगर आप कोई लापरवाही करते हैं तो मिसकेरेज का भी खतरा हो सकता है। आपको छाती और गले में असंतोष महसूस हो सकता हैं। कोलोस्ट्रम के उत्पादन के कारण स्तन संवेदनशील होने लगते हैं।

बच्चे का विकास:
तेरहवें हफ्ते में आपके बच्चे का वजन लगभग 19 ग्राम तक हो जाता है। आपका फीटस अब बच्चे की तरह दिखने लगता है। आपके बच्चे की आंखें और आइब्रो के बाल अपने सही स्थान पर आना शुरू हो जाते हैं। आपके बच्चे का पेट भी आकार में आने लगता है। अग्न्याशय में इंसुलिन बनना शुरू हो जाता है जो बच्चे के बाहर आने के बाद शुगर लेवल को विनियमित करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। गर्भनाल की सहयता से मां के शरीर से खून बच्चे के शरीर तक पहुंचने लगता है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी का बारहवां सप्ताह]

प्रेग्नेंसी के दौरान भोजन:
क्या खाएं:
वैसे भोज्य पदार्थ जिनमे पोषक तत्वों की मात्रा बहुत ज्यादा हो का सेवन करना पोषण के लिए सही होता है। फोलिक एसिड, विटामिन, मिनरल, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर भोज्य पदार्थों का सेवन करें। खाने में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज इत्यादि का सेवं करें।खुद को भूखे न रखें।
क्या न खाएं:
ज्यादा तली भुनी चीजों का सेवन न करें। बाहर का खाना न खाएं। बेहतर हो की आर्गेनिक फ़ूड का ही सेवन करें। पपीता, कच्चा अंडा, अधपका मांस, सीफ़ूड इत्यदि का सेवन से बचें।

प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरसाइज:
क्या करें
ऐसे समय में शारीरिक रूप से फिट रहना बेहद जरुरी होता है। जो की प्रसव के समय होने वाली समस्याओं से आपको बचाता है। इसलिए नियमित रूप से व्यायाम करना बेहद जरुरी है। इसमें उन व्यायामों को ज्यादा करें जो आपके रक्त संचार के लिए लाभदायक हो। रक्त संचार के बेहतर होने से पूरे शरीर में ऑक्सीजन का संचार होगा इसके लिए आप जॉगिंग, मोर्निंग वाक, योग, तैराकी जैसे व्यायाम कर सकते हैं।
क्या न करें:
ऐसे व्यायाम न करें जिनमे आपको सांस रोकने की जरुरत हो।
पहनावा:
गर्भावस्था के दौरान बहुत अपने खान-पान के साथ-साथ आपको अपने पहनावे पर भी बहुत ध्यान देना जरुरी है। क्योंकि इस समय में सही कपड़े और आरामदायक कपड़े पहनने बहुत जरुरी है। इसलिए पॉलिस्टर, सिंथेटिक और चुस्त कपड़ों को न पहने। सूती कपड़े हीं पहने। क्योंकि इससे आपके शरीर में ठंडक मिलेगी। यदि सर्दी का समय है तो ढीले स्वेटर पहने ।

मानसिक स्वास्थ्य:
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना आज के समय में बहुत जरुरी है। क्योंकि मानसिक रूप स्वस्थ रह कर ही आप शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। इसके साथ अपने आप को तनावमुक्त रखें क्योंकि थोड़ा भी तनाव आपके और बच्चे के लिए हानिकारक सबित हो सकता है।

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