इन कारणों से समय से पहले हो सकता है बच्चे का जन्म

what are the causes of premature birth

प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे बड़ी चिंता बच्चे के स्वास्थ्य की होती है। खासकर बच्चे समय से पहले जन्म के बारे में जानना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह 60 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु और जटिलताओं का कारण होता हैं। बहुत से बच्चे जिनका जन्म समय से पहले हुआ है वह स्वस्थ होते हैं लेकिन समय से पहले लेबर और डिलीवरी के बारे में पता होना जरुरी होता है। तो आइए आपको कुछ कारण बताते हैं जो बच्चे के समय से पहले जन्म के कारण हो सकते हैं। [ये भी पढ़ें: क्या है फॉल्स प्रेग्नेंसी? जानें इसके कारण और लक्षण]

1-प्रेग्नेंसी से जुड़े डिसऑर्डर:

1-जेनिटल इंफेक्शन:
लोअर जेनिटल मार्ग में इंफेक्शन के कारण समय से पहले लेबर और डिलिवरी की संभावना रहती है। यह खासकर बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण होता है जो 10-30 प्रतिशत महिलाओं में विकसित होता है। यह 6 प्रतिशत तक समय से पहले बच्चे के जन्म का कारण होता है।

2-प्रीकैमसिया:
हर 7 में से 3 प्रेग्नेंट महिला को प्रीकैमसिया होता है। यह प्रेग्नेंसी के 20वे हफ्ते में विकसित होता है। इसका पता हाई ब्लड प्रेशर और यूरिन में प्रोटीन से पता चलता है। अगर इसका इलाज ना किया जाए तो इसके कारण समय से पहले बच्चे का जन्म हो सकता है।

2- प्रेग्नेंसी हिस्ट्री:

1. मिसकैरिज:
अगर आपको पहले भी प्रेग्नेंसी के दौरान परेशानी हुई है तो आप भविष्य में समय से पहले जन्म के खतरे को कम कर सकती है। इसके लिए आपको गर्भधारण करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। इसके लिए आपको अपना वजन सामान्य रखना चाहिए। रोज एक्सरसाइज करनी चाहिए।

2. पिछला गर्भपात:
आपका पिछला गर्भपात भी बच्चे के समय से पहले जन्म का कारण हो सकता है। यह खतरा तब ज्यादा बढ़ जाता है जब आप 6 महीने के अंदर प्रेग्नेंट हो गई हों।

3. एक समय में एक से ज्यादा बच्चा होना:
जुड़वा बच्चे होना अच्छा होता है मगर यह बच्चे के समय से पहले जन्म का कारण भी होता है। वास्तव में कई शिशुओं के साथ गर्भधारण में हमेशा समय से पहले ही बच्चे का जन्म होता है।

4- फैमिली हिस्ट्री:
अगर आपके परिवार में किसी के समय से पहले डिलिवरी हुई है तो उसका प्रभाव आपको जरुर पड़ता है। इसका खतरा तब ज्यादा बढ़ जाता है जब आपका जन्म भी समय से पहले हुआ हो।

5- मां की उम्र:
प्रेग्नेंसी में उम्र का महत्व होता है। किशोर मां जिसकी उम्र 14-17 साल होती है उन्हें समय से पहले डिलिवरी होने का खतरा ज्यादा होता है। 18-19 साल के किशोरों में यह खतरा कम हो जाता है। 35 से ज्यादा उम्र होने पर भी समय से पहले लेबर होने का कारण होता है।

6- तनाव:
तनाव के कारण भी बच्चे का जन्म समय से पहले हो सकता है। तनाव से कोर्टिसोल और एपिनेफ्रीन हार्मोंस प्लासेंटल को बढ़ाते हैं जिससे एक कॉर्टिकोट्रोपिन हार्मोंस रिलीज होता है। यह एस्ट्रियल और प्रोस्टाग्लैंडीन को प्रेरित करता है। जो समय से पहले जन्म के कारण होते हैं। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले डिहाइड्रेशन का कारण, लक्षण और उपचार]

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