प्रेग्नेंसी के दौरान त्वचा में होते हैं ये बदलाव

skin changes during pregnancy

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में बदलाव का आना लाजिमी होता है क्यूंकि इस दौरान शरीर के अन्दर कई तरह के हॉर्मोन का स्राव होता है जिसकी वजह से शरीर पर बदलाव दिखाई देने लगते हैं। इस दौरान स्किन(त्वचा) पर भी बदलाव आते हैं। कुछ महिलाओं के मुंहासे निकल आते है तो कुछ की त्वचा लाल सी हो जाती है। यह सब शरीर में होने वाले हार्मोंस के बदलाव के कारण होता है। चेहरे पर हल्का सा मसाज करने से दर्द होने लगता है। इसलिए इस समय में स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए। आइए आपको  गर्भावस्था के दौरान  त्वचा में होने वाले बदलावों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: क्या है फॉल्स प्रेग्नेंसी? जानें इसके कारण और लक्षण

 1. खिंचाव के निशान: जैसे-जैसे आपका बेबी बंप बढ़ता है उससे आपके पेट, जांघों और स्तनों पर यहां तक ​​कि बाहों पर इन बैंगनी लाल निशान हो जाते हैं। इससे आपकी त्वचा पर खिचाव और हार्मोंस में आने वाले बदलाव का पता चलता है। स्किन क्रीम से इसे कम करने में मदद करती है पर इन्हें रोका नहीं जा सकता है। इसमें परेशान होने की बात नहीं है समय के साथ यह ठीक हो जाते हैं।

2. मुहांसे:
know about the skin changes during pregnancyअगर आप रोज अपनी त्वचा साफ करते हैं फिर भी आपके चेहरे पर मुहांसे हो जाते हैं। ऐसा हार्मोंस के बदलाव के कारण होता है। आप रोज मुंह धोएं और स्किन पर ज्यादा कुछ ना करें तो यह ठीक भी हो जाते हैं। साथ ही कुछ स्किन के ट्रीटमेंट भी होते हैं जिससे इन्हें ठीक किया जा सकता है। पर ध्यान रहे यह ट्रीटमेंट अपने डॉक्टर की सलाह से ही कराएं। [ये भी पढ़ें : प्रेग्नेंसी के दौरान दिख सकते है ये अजीबो-गरीब लक्षण]

3. स्किन टैग(त्वचा की चिप्पी): प्रेग्नेंसी के दौरान त्वचा पर छोटे-छोटे टुकड़े बनने लगते हैं। यह सब आपको हाथ मोड़ने पर हो जाते हैं। यह गर्दन, आर्मपिट पर होते हैं। इनसे कोई नुकसान नहीं होता है तो इसके लिए इलाज की कोई जरुरत नहीं होती है। अगर आपको इससे कोई परेशानी हो तो आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं, खुद से इसे हटाने की कोशिश न करें।

4. सोरायसिस: प्रेग्नेंसी में सोरायसिस नहीं होती है मगर अगर आपको यह परेशानी पहले से है तो या लाल निशान पहले से आपके शरीर पर हैं तो इस दौरान यह बढ़ जाते हैं। कुछ महिलाओं में यह निशान सही भी हो जाते हैं। मगर ध्यान रहे सोरायसिस के लिए गए ट्रीटमेंट से आपके बच्चे को कोई नुकसान ना हो।

5. वैरिकाज और स्पाइडर वेन: प्रेग्नेंट महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और खून की मात्रा सामान्य से अधिक होती है। जिससे नसों पर असर पड़ता है। इन छोटे निशानों को स्पाइडर वेन कहते हैं। यह आपके चेहरे, गर्दन या हाथों पर भी हो सकते हैं। इनसे कोई नुकसान नहीं होता हैं। यह निशान बच्चे के जन्म के बाद हट जाते हैं। वैरिकाज नसें होती हैं जिनसे दर्द भी होता है। इसके लिए डॉक्टर आपको चलने, टाइट स्टाकिंग पहनने की सलाह देते हैं। ताकि आपको इससे आराम मिल सके।

6. खुजली:
know about the skin changes during pregnancy कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान लाल निशान हो जाते हैं जिससे उन्हें खुजली होती है। अगर आपको पहले से खुजली हो तो प्रेग्नेंसी के 9 महीनों में बहुत दिक्कत होती है। अगर आप इससे दूर रहना चाहते हैं तो जिन चीजों से आपको एलर्जी है उससे दूर रहें या उसका सेवन ना करें। प्रेग्नेंसी के दौरान कोई परेशानी ना हो तो इसके लिए ट्रीटमेंट से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरुर ले लें। [ये भी पढ़ें : ये लक्षण करते हैं आपके गर्भवती होने का इशारा]

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