मार्निंग सिकनेस की समस्या गंभीर हो जाने पर क्या करें

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things to do when morning sickness get worse

मार्निग सिकनेस की समस्या हर महिला को होती है लेकिन जब यह अत्धिक हो जाती है तो हानिकारक हो सकती है।

मार्निंग सिकनेस प्रेग्नेंसी की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है। प्रेग्नेंसी के दौकरान हर महिला को मार्निंग सिकनेस होती है इस दौरान उल्टी, जी मिचलाना जैसी समस्या होती है। यह समय सुबह उठते ही महिलाओं को महसूस होती है। कुछ महिलाओं को सिकनेस की समस्या शाम के समय भी होती है। मार्निंग सिकनेस की समस्या से कोई नुकसान नहीं होता है बस अजीब सा महसूस होता है। लेकिन जब यह समस्या गंभीर हो जाए तो इसे दूर करना जरुरी होता है। मार्निंग सिकनेस की समस्या ज्यादा हो जाने को हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम कहते हैं। तो आइए आपको हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम के कारण, संकेत और इलाज के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान दिखने वाले संकेत जो आपको डरा सकते हैं]

अत्यधिक मार्निंग सिकनेस क्या होती है: बहुत सी महिलाओं को बहुत ज्यादा मार्निंग सिकनेस होती है। इसमें उल्टी, जी मिचलाने और पेट में दर्द होता है। हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम की परिस्थति में गर्भवती महिला को हॉस्पिटल में भर्ती भी कराना पड़ सकता है। साथ ही बच्चे को हानि पहुंच सकती है। इस दौरान थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करना जरुरी होता है, इनके फायदे जानने के लिए क्लिक करें।

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम के संकेत:

बहुत ज्यादा जी मिचलाना
डिहाईड्रेशन
वजन कम होना
सिरदर्द और बेहोश होना
लो ब्लड प्रेशर
बार-बार पेशाब आना
हृदयदर बढ़ना

अत्यधिक मार्निंग सिकनेस के कारण: इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से एक कारण हृयूमन क्रोनिक गोनाडोट्रोपिन (एचसीबी) का बढ़ जाना होता है। यह एक हार्मोन होता है। जिसका स्तर स्वस्थ आहार का सेवन ना करने या शारीरिक गतिविधियां करने से नहीं होता है।

यह बच्चे को कैसे प्रभावित करता है: वैसे तो मार्निग सिकनेस भ्रूण को प्रभावित नहीं करती है लेकिन जह यह अत्यधिक मात्रा में होती है तो इसका भ्रूण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिससे बच्चे का वजन और विकास दोनों प्रभावित होता है।

अत्यधिक मार्निग सिकनेस से कैसे डील करें: अत्यधिक मार्निंग सिकनेस को कम करने का सबसे आसान उपाय अपनी डाइट में बदलाव करना होता है। इसके लिए थोड़े-थोड़े समय बाद कुछ ना कुछा खाते रहें। खाली पेट ना रहे क्योंकि इससे जी मिचलने की समस्या होती है। खूब सारा पानी पिएं इससे डिहाइड्रेशन की समस्या दूर होती है। [ये भी पढ़ें: दूसरी गर्भावस्था के बारे में दिलचस्प बातें]

अगर यह समस्या फिर भी ठीक नहीं होती है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें। प्रेग्रेंसी के दौरान अपना खास ध्यान रखना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है।

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