प्रेग्नेंसी के दौरान उल्टी आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं

causes of vomiting during pregnancy

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गर्भधारण करने के चौथे या छठें सप्ताह से जी मिचलाने की समस्या होने लगती है। यह वह समय होता है जब आप अपने पीरियड्स को मिस कर चुकी होती हैं और गर्भाशय में आरोपण की प्रक्रिया शुरु हो चुकी होती है। प्रेग्रेंसी के दूसरे महीने से उल्टी आने के लक्षण बढ़ने लगते हैं। जो बारहवें से अठारहवें सप्ताह तक चलते हैं। कुछ महिलाओं में यह समस्या डिलिवरी होने तक होती है। प्रेग्नेंसी के दौरान उल्टी होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर यह ज्यादा होने लगे तो शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। इस दौरान डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान उल्टी होने के पीछे कई कारण होते हैं तो आइए आपको इसके पीछे के कारणों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान सफेद डिसचार्ज होना कितना सामान्य है]

कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम की समस्या होती है जिसमें दिन में 3 से ज्यादा बार उल्टी होती है। यह समस्या ज्यादा महिलाओं को नहीं होती है। इस समस्या को कुछ कारणों की मदद से पता किया जा सकता है। हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम होने के कुछ कारण मुंह सूख जाना, हृदय दर बढ़ जाना, पेशाब कम आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, वजन कम होना होते हैं।

प्रेग्नेंसी के दौरान उल्टी होने के सामान्य कारण:

  • प्रेग्नेंसी के दौरान ओवरियन हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रेरोन की मात्रा बढ़ जाने की वजह से जी मिचलाना और उल्टी होने लगती है।
  • अगर प्रेग्नेंसी के दौरान तनाव ज्यादा होने लगता है तो इससे सुबह के समय थकावट महसूस होने लगती है।
  • अगर आपके गर्भाशय में एक से ज्यादा भ्रूण है तो प्लेसेंटा का आकार बड़ा हो जाता है। जिसकी वजह से एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और एचजीसी हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे उल्टी होने लगती है।
  • गर्भावस्था के दौरान वजन ज्यादा होने की वजह से भी उल्टी होने लगती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन और डायबिटीज से ग्रसित होने पर।
  • जब आपके पाचन अंगों को ज्यादा मात्रा में फैट को पचाने में दिक्कत होती है तो उल्टी होने लगती है। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान शरीर के तापमान को कम करने के लिए अपनाएं घरेलू उपाय]

उल्टी होने के लक्षण:

  • भूख कम लगना
  • डिप्रेशन
  • शरीर में पानी की कमी होने पर, कमजोरी।
  • कीटोसिस- यह एक गभीर स्थिति होती है जिसमें अत्यधिक उल्टी होने की वजह रक्त और पेशाब से कीटोन की संख्या कम होने लगती है।

जरुरी नहीं है कि सभी महिलाओं को इन लक्षणों का अनुभव हो। अगर यह लक्षण ज्यादा मात्रा में अनुभव होने लगे तो अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ले लें। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था में पेट की खुजली की समस्या से कैसे पाएं आराम]

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