पेल्विक फ्लोर थेरेपी प्रेग्नेंसी के बाद क्यों लाभकारी है

Read in English
why pelvic floor therapy is beneficial after delivery

Photo credit: NearSay.com

बच्चे का जन्म एक महिला के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है। हालांकि बच्चे के जन्म होने के बाद का समय भी एक मां के लिए बहुत खास होता है। बच्चे के जन्म के बाद(नॉर्मल या सीजेरियन) पेल्विक रिजन के आस-पास की मांसपेशियां और टिशू सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसके कारण दर्द और असहजता भी महसूस होती है। इस समस्या के लिए पेल्विक फ्लोर थेरेपी सबसे बेहतर विकल्प होता है। इस थेरेपी की मदद से पेल्विक पेन, यूरिनरी प्रॉब्लम्स और बोवेल प्रॉबल्मस की समस्या भी दूर होती है। इस समस्या की वजह से महिला बैठी हो या खड़ी हो, उन्हें दर्द का सामना करना पड़ता है। ये सारी समस्या तब होती है जब पेल्विक मसल्स या तो बहुत टाइट हो जाती है या फिर बहुत कमजोर। पेल्विक फ्लोर थेरेपी के दौरान मांसपेशियों में होने वाले दर्द से राहत मिलती है। [ये भी पढ़ें: स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए नींबू पानी का सेवन क्यों लाभकारी है]

पेल्विक फ्लोर थेरेपी कैसे प्रभावी होती है:
पेल्विक फ्लोर थेरेपी पेल्विक से जुड़ी हर समस्या से निजात दिलाने में मदद करते हैं। इसमें न्यूरोमस्कुलर रिहैबिलिटेशन और पोस्टुरल रिपॉजिशनिंग भी शामिल होते हैं। ये सभी मेथड लक्षणों को ठीक करने में सहायता करते हैं। इस चिकित्सा के परिणामस्वरूप, ब्लैडर की मांसपेशियों को राहत मिलती है। लेकिन ऐसे में आपको किसी विशेषज्ञ से सहायता लेनी आवश्यक है।

पेल्विक फ्लोर फिजिकल थेरेपी में क्या होता है?

1. चिकित्सक आपकी मेडिकल हिश्ट्री के इतिहास के बारे में पूछताछ करता है। तो ऐसे में आपको पूरी ईमानदारी से सभी प्रश्न का उत्तर देना महत्वपूर्ण है, ताकि आपकी समस्या को राहत मिल सके।
2. चिकित्सा शुरू करने से पहले फिजिकल एक्जामिनेशन होती है।
3. एब्डॉमिनल वॉल्स डायफ्राम, कूल्हे की मांसपेशियां, पीठ का निचला हिस्सा और पेल्विक क्षेत्र का मूल्यांकन होता है। इन सभी मूल्यांकनों को मांसपेशियों के टोन और ताकत की जांच के लिए किया जाता है।
4. अंत में, चिकित्सक रोगी के साथ परिणाम की चर्चा करते हैं और कार्रवाई की योजना बनाते हैं। यह हर महिला के मामले में अलग होता है। इस योजना के मुताबिक स्ट्रेचिंग और ब्रिदिंग एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान यौन संबंध बनाते समय ब्लीडिंग क्यों होती है]

हालांकि, याद रखें कि चिकित्सक की सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। इस चिकित्सा को बीच में छोड़ना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान होने वाले पिंपल्स से कैसे निजात पाएं]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "