C-Section Myths: सीजेरियन डिलीवरी से जुड़े मिथक जो आपको जानने चाहिए

C-section myths that just aren't true

Myths about Cesarean: आजकल सीजेरियन डिलीवरी के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन गर्भवती माताओं को अक्सर सीजेरियन के बारे में गलत जानकारी होती है।

C-Section Myths: सीजेरियन डिलीवरी जिसे सी-सेक्शन के नाम से भी जाना जाता है, अक्सर गर्भवती महिलाओँ के लिए चिंता का विषय बनी रहती है। अधिकतर गर्भवती महिलाएं चाहती हैं कि उनके बच्चे का जन्म नार्मल डिलीवरी से हो लेकिन कॉम्प्लिकेशन्स और मेडिकल कंडीशन के कारण डॉक्टर आपको सीजेरियन का विकल्प बताता है। हालांकि आजकल सीजेरियन डिलीवरी के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन फिर भी गर्भवती माताओं को अक्सर सीजेरियन के बारे में गलत जानकारी होती है जो उनकी चिंताओँ को बढ़ा सकती है। ऐसे कई मिथक हैं जिन पर महिलाएं भरोसा कर लेती हैं। इसलिए जरुरी है कि आप इन मिथकों को जानें और इन पर विश्वास करना बंद करें। [ये भी पढ़ें: सी-सेक्शन के बाद त्वचा पर पड़ने वाले निशान को कैसे दूर करें]

C-Section Myths: सी-सेक्शन से जुड़े मिथक जिन पर भरोसा ना करें

  • सीजेरियन डिलीवरी के दौरान दर्द नहीं होता
  • सी-सेक्शन डिलीवरी सुरक्षित विकल्प नहीं हैं
  • यह बच्चे और मां के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है
  • सी-सेक्शन से जन्मे शिशु को स्तनपान कराना मुश्किल होता है
  • सी-सेक्शन के बाद दोबारा मां बनने पर वेजाइनल बर्थ नहीं होता

‘सीजेरियन डिलीवरी के दौरान दर्द नहीं होता’
यह सबसे बड़ा मिथक है कि सी-सेक्शन डिलीवरी के दौरान माँ दर्द नहीं होता। सीजेरियन डिलीवरी के दौरान एनेस्थीसिया दिया जाता है जिससे महिला को दर्द महसूस नहीं होता लेकिन इसका असर खत्म होने के बाद यह दर्द और असहजता 10-15 दिन तक रहती है।

‘सी-सेक्शन डिलीवरी सुरक्षित विकल्प नहीं हैं’

C-Section Myths Pregnant Women Should Know
 Myths about Cesarean: सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद अगर आपको सही देखभाल की जरुरत होती है।

सी-सेक्शन डिलीवरी यकीनन एक मेजर सर्जरी है लेकिन ऐसा नहीं है कि यह असुरक्षित है। आज के समय में सीजेरियन डिलीवरी पहले से अधिक सुरक्षित विकल्प बन गई है।

‘यह बच्चे और मां के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है’
सीजेरियन डिलीवरी माँ या बच्चे के स्वास्थ्य को किसी तरह प्रभावित नहीं करती है। हालांकि सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद अगर आपको सही देखभाल ना मिलें तो इससे आपको लॉन्ग-टर्म समस्याएं हो सकती हैं।

‘सी-सेक्शन से जन्मे शिशु को स्तनपान कराना मुश्किल होता है’
शिशु की डिलीवरी किस तरह से हुई है, इसका शिशु को स्तनपान कराने पर कोई असर नहीं होता। हालांकि सी-सेक्शन के बाद, वेजाइनल बर्थ के मुकाबले स्तनपान कराने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है लेकिन ऐसा नहीं है कि आप सी-सेक्शन के बाद स्तनपान नहीं करा सकती हैं।

‘सी-सेक्शन के बाद दोबारा मां बनने पर वेजाइनल बर्थ नहीं होता’
ऐसा अधिकतर महिलाएं सोचती हैं कि एक बार सी-सेक्शन कराने के बाद आपको हर बार सी-सेक्शन के जरिए ही डिलीवरी करानी होगी जो कि मिथक है। हालांकि पहली सी-सेक्शन डिलीवरी आपकी दूसरी डिलीवरी को प्रभावित जरुर करती है लेकिन ऐसा नहीं है कि आप वेजाइनल बर्थ नहीं दे सकती हैं।

[जरुर पढ़ें: सीजेरियन डिलीवरी कैसे मां के शरीर को करती है प्रभावित]

ये कुछ सबसे प्रचलित मिथक हैं जिनपर अक्सर महिलाएं खासतौर पर गर्भवती महिलाएं विश्वास कर लेती हैं। इसलिए इन्हें जानें और सच को परखें। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "