World Breastfeeding Week 2018: स्तनपान से जुड़े प्रचलित मिथक

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Breastfeeding Myths and the Truth

नई माताओं को स्तनपान से जुड़े सामान्य मिथकों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

World Breast Feeding Week (WBW) 2018: इस बात में कोई संदेह नहीं है कि माँ बनना एक महिला के जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण दौर है। बच्चे के जन्म के बाद, आपको इस बात पर ध्यान देना जरुरी होता है कि आपके शिशु को सही मात्रा में पोषण मिल रहा है या नहीं। चूंकि शिशु के लिए, पोषण मिलने का सबसे अच्छा स्रोत माँ का दूध होता है, जो स्तनपान के जरिए बच्चे के शरीर तक पहुंचता है। प्रसव के बाद, माँ के लिए स्तनपान की अवधि शुरू हो जाती है। हालांकि, नई माँ बनी महिलाओं को स्तनपान के बारे में सही जानकारी नहीं होती है, जिसके कारण वो स्तनपान से जुड़े कई मिथकों पर विश्वास कर लेती हैं। स्वस्थ रुप से स्तनपान कराने के लिए आपको स्तनपान से जुड़े मिथकों के पीछे छुपे सच के बारे में जानना चाहिए। [ये भी पढ़ें: स्तनपान कराने वाली महिलाएं कौन सी सब्जियों का सेवन करें]

World Breast Feeding Week 2018: स्तनपापन से जुड़े मिथक जिन पर विश्वास नहीं करना चाहिए

  • स्तन में दूध बढ़ाने के लिए शिशु को स्तनपान कम कराएं
  • स्तनपान आसान है
  • बच्चे को अधिक भूख लगने का कारण सही तरीके से स्तनपान ना कराना है
  • स्तनों का आकार कम होने से दूध का उत्पादन कम होता है
  • स्तनपान कराने से स्तनों का आकार बदल जाता है

स्तन में दूध बढ़ाने के लिए शिशु को स्तनपान कम कराएं

Common Myths Regarding Breastfeeding
लोगों को गलत धारणा है कि स्तनपान आसान है।

यह आम मिथक है। अक्सर महिलाएं मानती हैं कि बच्चे को दूध ना पिलाने से स्तनों में दूध का अधिक उत्पादन होता है। हालांकि यह सच नहीं हैं। स्तनों में स्वस्थ तरीके से दूध का उत्पादन करने के लिए आपको पोषित भोजन करने की जरुरत है।

स्तनपान आसान है
किसी अन्य चीज की तरह ही, स्तनपान कराने का सही तरीका समझने में समय लगता है। स्तनपान कुछ महिलाओं के लिए स्वाभाविक होता है, जबकि कुछ महिलाओं को परेशानी होती है।

बच्चे को अधिक भूख लगने का कारण सही तरीके से स्तनपान ना कराना है
यह बात बहुत सी महिलाओं को परेशान करती है। मां का दूध बच्चे के लिए पचाना आसान होता है। इसलिए बच्चे को जल्दी बूख लगने लगती है। यह स्तनपान कराने के तरीके से जुड़ा नहीं है।

स्तनों का आकार कम होने से दूध का उत्पादन कम होता है

Myths About Breastfeeding Busted
स्तनपान कराने से स्तनों के आकार पर कोई असर नहीं होता है।

नई माँ बनी महिलाओं को है कि अगर उनके स्तनों का आकार छोटा हैं तो वो उनके बच्चे पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं मिल पाएंगा। जबकि ऐसा नहीं है। स्तनों का आकार स्तन में दूध बनने की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करता है।

स्तनपान कराने से स्तनों का आकार बदल जाता है
गर्भावस्था के कारण आपके स्तनों का आकार बदल जाता है। स्तनपान आपके स्तनों के आकार को प्रभावित नहीं करता है। वास्तव में, स्तनपान नई मां के लिए लाभकारी है।

[जरुर पढ़ें: स्तनपान के दौरान मसालेदार भोजन का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए]

स्वस्थ स्तनपान के लिए, माताओं को स्तनपान से जुड़े मिथकों और सच के बारे में अच्छी तरह से जानना चाहिए। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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