Post-Pregnancy Side Effects: गर्भावस्था के बाद महिलाओं को होने वाले दुष्प्रभाव

Some Common Post-Pregnancy Side Effects

प्रसव के बाद पसलियों, पेट और पीठ में दर्द होने लगता है।

Post-Pregnancy Side Effects: गर्भावस्था के दौरान एक महिला का शरीर बहुत सारे बदलावों से गुजरता है। हालांकि ये बदलाव आपको केवल 9 महीनों के लिए नहीं झेलने होते हैं। बच्चे के जन्म के बाद भी आपके लिए कई चुनौतियां शुरू होने वाली होती हैं। शुरुआत के कुछ हफ्ते आप अपना अधिकांश समय बच्चे के साथ बिताते हैं लेकिन इसके अलावा, आपने देखते हैं कि आपके जीवन में कुछ बदलाव हुए हैं। आपका शरीर रिकवर होना शुरु करता है। इसके दौरान, आप महसूस करते हैं कि आपका शरीर पहले की तरह व्यवहार नहीं कर रहा है। हालांकि ये बदलाव खुद-बखुद शरीर के रिकवर होने के साथ ही कम होने लगते हैं लेकिन आपको जानना चाहिए कि गर्भावस्था के बाद आपके शरीर को क्या क्या दुष्प्रभाव झेलने होते हैं। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के बाद त्वचा के ढीलेपन को कैसे रोकें]

Post-Pregnancy Side Effects: गर्भावस्था के बाद महिलाओं को क्या समस्याएं होती हैं

  • पोस्ट लेबर पेन
  • ब्रेस्ट में दर्द
  • बालों का गिरना
  • कब्ज

पोस्ट लेबर पेन
प्रसव के बाद भी महिला को काफी दर्द का सामना करना पड़ता है। बच्चे को पुश करने, प्रसव, और दबाव के कारण आप काफी थका हुआ महसूस करती हैं। इसके कारण पसलियों, पेट और पीठ में दर्द होने लगता है। बच्चे के जन्म के बाद, गर्भाशय अपने सामान्य आकार और स्थिति में वापस आने लगता है जिसके कारण आपको दर्द होता है।

ब्रेस्ट में दर्द

After-Pregnancy Side Effects
बच्चे को स्तनपान कराते वक्त ब्रेस्ट मे सूजन हो सकती है।

ब्रेस्ट में दर्द होना प्रसव के बाद सबसे आम समस्याओं में से एक है। बच्चे को स्तनपान कराते वक्त ब्रेस्ट मे सूजन हो सकती है। स्तनों में बनने के दौरान ये अधिक टेंडर हो जाते हैं और इनमें सूजन हो सकती है। इस दौरान अधिक स्तनपान कराने की कोशिश करें और समय के साथ यह असुविधा और दर्द कम हो जाएगा।

बालों का गिरना
गर्भावस्था के बाद बालों के गिरने से काफी महिलाएं परेशान रहती हैं। हालांकि यह सामान्य है। इस समय हार्मोनल परिवर्तन के कारण बाल झड़ने लगते हैं। गर्भावस्था के तुरंत बाद, शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर बढ़ने से हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं जिसके कारण अत्यधिक बाल झड़ते हैं।

कब्ज
गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम को धीमा कर देते हैं और कब्ज का कारण बनते हैं। इसके अलावा, जिन महिलाओं को हेमोरोइड्स की समस्या होती है उन्हें सामान्य बोवेल मूवमेंट्स में मुश्किल हो सकती है जिसके कारण कब्ज हो जाती है।

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ये कुछ स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हैं जो गर्भावस्था के बाद अक्सर महिलाओं को झेलनी पड़ती हैं। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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