World Breast Feeding Week 2018: स्तनपान कराने से मां का स्वास्थ्य कैसे बेहतर होता है

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How Breastfeeding Benefits Mothers' Health

WBW 2018: World Breast Feeding Week:- स्तनपान मां के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है

World Breast Feeding Week (WBW) 2018: स्तनपान के जरिए नवजात शिशु को जरुरी पोषण मिलते हैं जिससे शिशु का विकास उचित प्रकार से हो पाता है। नवजात शिशु को कम से कम 6 महिने तक मां का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है। इससे शिशु को प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर होती है और वह बीमारियों से दूर होता है। हालांकि स्तनपान कराने का फायदा केवल शिशु को नहीं बल्कि स्तनपान कराने वाली मां को भी मिलता है। स्तनपान कराने से महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है। गर्भावस्था के बाद जो महिलाएं शिशु को स्तनपान कराती हैं वो अधिक स्वस्थ होती है। आइए जानते हैं कि स्तनपान कराने से मां का स्वास्थ्य कैसे बेहतर होता है। [ये भी पढ़ें: ब्रेस्टफीडिंग के दौरान क्या नहीं करना चाहिए]

World Breast Feeding Week 2018: मां को स्तनपान से होने वाले फायदे

  • आयरन की कमी को दूर करता है
  • गर्भावस्था के बाद वजन कम
  • गर्भाशय संकुचन से राहत
  • गर्भनिरोध में मदद
  • मां और शिशु के बीच के रिश्ते को गहरा करता है

आयरन की कमी को दूर करता है
प्रसव के बाद महिलाओं में आयरन की कमी सबसे सामान्य समस्या है। जब मां बच्चे को स्तनपान कराती है, तो मासिक धर्म चक्र देर से होते हैं और खून मां के शरीर में रुक जाता है। इससे शरीर से आयरन अधिक नहीं निकलता है और आयरन की कमी को रोका जा सकता है।

गर्भावस्था के बाद वजन कम
गर्भावस्था के दौरान महिलाएं का वजन काफी बढ़ जाता है जिसे गर्भावस्था के बाद कम करना काफी मुश्किल हो जाता है। स्तनपान कराने से शरीर का फैट स्तनों में दूध के उत्पादन में मदद करता है जिससे मां को वजन कम करने में आसानी होती है। [ये भी पढ़ें: संकेत जो बताते हैं गर्भ में आपके बच्चे का विकास रूक गया है]

गर्भाश्य संकुचन से राहत
स्तनपान कराने से महिलाओं को गर्भाश्य को वापस उसी आकार में लाने में मदद मिलती है। स्तनपान कराने से महिला के शरीर में विशेष प्रकार के हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो आपके गर्भाश्य में संकुचन से राहत दिलाते हैं और गर्भाश्य के आकार में सुधार करते हैं।

गर्भनिरोध में मदद
गर्भावस्था के बाद महिला का शरीर मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजरता है। इसलिए हर महिला को पहली और दूसरी गर्भावस्था में करीब तीन साल का अंतराल रखना चाहिए। स्तनपान कराने वाली महिलाएं गर्भावस्था के तुरंत बाद गर्भधारण से बच जाती है क्योंकि स्तनपान करने से गर्भनिरोध में मदद मिलती है।

मां और शिशु के बीच के रिश्ते को गहरा करता है
स्तनपान कराने से मां और बच्चे के बीच का रिश्ता गहरा होता है। इससे शिशु मां से अधिख प्रभावी तरीके से जुड़ पाता है। मां से लगातार शारीरिक स्पर्श के कारण शिशु स्वस्थ रुप से विकास कर पाता है। [ये भी पढ़ें: मोटापा गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करता है]

स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को अनेकों प्रकार के स्वास्थ्य लाभ होते हैं क्योंकि स्तनपान कराने से महिला के शरीर में विशेष प्रकार के हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो उनके लिए लाभकारी होते हैं।

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