क्या प्रेग्नेंसी के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग सामान्य है

vaginal bleeding during pregnancy is it normal

गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार का रक्तस्राव होना आपको डरा सकता है। हालांकि गर्भावस्था के एक-तिहाई मामलों में स्पॉटिंग या ब्लीडिंग होती है। गर्भावस्था के दौरान हल्का खून बहना, या स्पॉटिंग होना विशेष रूप से पहले तिमाही में काफी आम है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान योनि से अधिक खून का स्राव होना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं कि उन कारणों के बारे में जिनकी वजह से आपको प्रेग्नेंसी के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग ज्यादा होती है। [ये भी पढ़ें: गर्भ में बच्चे के लात मारने से जुड़ी कुछ जानकारियां]

प्रेग्नेंसी के पहले 20 सप्ताह में ब्लीडिंग और स्पॉटिंग के कारण:

  • इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग- कुछ महिलाओं को गर्भधारण के बाद शुरुआती 4 सप्ताह में ही ब्लीडिंग हो सकती है। इसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहते हैं। यह ओव्यूलेशन के कारण होती है। जब अंडा यूटरस वॉल से जुड़ता है।
  • हॉर्मोनल बदलाव।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान यौन सम्बंध बनाना।
  • वेजाइना में किसी तरह का संक्रमण।
  • गाइनकोलॉजिस्ट द्वारा किए गए किसी इंटरनल एग्जाम के कारण।

अन्य गंभीर कारण: कभी-कभी प्रेग्नेंसी के शुरुआती 20 सप्ताह में वेजाइनल ब्लीडिंग होने के पीछे कुछ गंभीर कारण हो सकते हैं जैसे-

  • केमिकल प्रेग्नेंसी: अंडे के फर्टिलाइज हो जाने के बाद यूटरस में पूरी तरह इम्प्लांट नहीं होने को केमिकल प्रेग्नेंसी कहते हैं।
  • गर्भपात: पेट में दर्द और खिंचाव होने के साथ-साथ ब्लीडिंग होना अचानक गर्भपात का लक्षण हो सकता है।
  • एक्टोपिक प्रेग्नेंसी: जब एक अंडा यूटरस में इम्प्लांट होने की जगह कहीं और (जैसे फेलोपियन ट्यूब) इम्प्लांट हो जाता तो इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहते हैं। इसके कारण ब्लीडिंग हो सकती है। [ये भी पढ़ें: गर्भवती महिलाओं के लिए खतरे से खाली नहीं है हील पहनना]

प्रेग्नेंसी को आखिरी 20 सप्ताह में ब्लीडिंग और स्पॉटिंग के कारण: प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही के बाद गर्भपात होने की संभावनाएं कम हो जाती है और शुरुआत के समय वाली जटिलताएं भी। लेकिन इस समय में ब्लीडिंग होना अन्य गंभीर जटिलताओं के कारण हो सकती है। खासकर कि जब ये लगातार हो रही हो। आखिरी 20 सप्ताह में ब्लीडिंग के पीछे ये कारण हो सकते हैं-

  • संभोग
  • बार-बार सर्विकल चेकअप्स करने के कारण
  • समय से पहले होने वाली प्रसव पीड़ा जिसमें ब्लीडिंग और खिंचाव होता है।
  • प्लेसेन्टा प्रीविया: यह तब होता है जब प्लेसेन्टा सर्विक्स को पूरी तरह से या आशिंक रुप से ढ़क लेता है।

ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो तो क्या करें: अगर आपको हल्की ब्लीडिंग और स्पॉटिंग हो रही है तो यह सामान्य है लेकिन फिर भी एक बार अपने डॉक्टर से बात कर लेना बेहतर होगा। अगर आपको बाकी गंभीर लक्षणों के कारण ब्लीडिंग हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से बात कर लें। उनसे विस्तार में इस बारे में बात करें कि आपको कितनी ब्लीडिंग और कितने समय के लिए हो रही है। [ये भी पढ़ें: गर्भावस्था के दौरान पैरों और एड़ियों के सूजन को कैसे कम करें]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "