संकेत जो बताते हैं गर्भ में आपके बच्चे का विकास रूक गया है

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Signs That The Baby In Womb Has Stopped Growing

Photo Credit: inspiringmama.com

गर्भ में जब बच्चा होता है तो वो पल किसी भी मां के लिए बहुत खुशनुमा होता है। लेकिन साथ ही यह उनके लिए बहुत मुश्किल भरा पल भी होता है क्योंकि उनके शरीर में बहुत से ऐसे हॉर्मोनल बदलाव आते हैं जिसकी वजह से उन्हें असहजता का सामना करना पड़ता है। गर्भ में जब बच्चा पल रहा होता है तो वो चिंता और परेशानी एक मां के अलावा और कोई नहीं समझ सकता है। कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सोते वक्त भी चिंता और परेशानी में रहती हैं। तो इसलिए ऐसे वक्त में एक मां को वो सारे जरूरी पोषक तत्व लेने की जरूरत होती है जिससे उनके बच्चे को भी पोषण मिलें और उनका विकास अच्छी तरह से हो सके। लेकिन कई ऐसे संकेत होते हैं जिससे आपको इस बात का पता चल सकता है कि गर्भ में बच्चे का विकास सही तरह से हो रहा है या नहीं। वरना ये बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में जिससे आपको पता लगता है गर्भ में आपके बच्चे का विकास रूक गया है। [ये भी पढ़ें: ब्रेस्टफीडिंग के समय कौन से खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें]

बच्चे के दिल की धड़कनें ना सुनाई देना:
जब प्रेग्नेंसी पहली तिमाही में होता है तो डॉक्टर डॉपलर की मदद से बच्चे के दिल की धड़कने सुनता है। 9 या 10 सप्ताह के बाद बच्चे की हार्टबीट सुनाई देने लगती है और बच्चा एम्ब्रायो से फिटस में बदल जाता है। बच्चे की स्थिति और प्लेसेंटा प्लेसमेंट की वजह से कई बार बच्चे के दिल की धड़कने नहीं सुनाई देती है।

एचसीजी(ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोफिन) का अचानक गिर जाना:
ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोफिन एक प्रेग्नेंसी हॉर्मोन है जो सिर्फ गर्भवति महिलाओं में ही उत्पादित होता है। इस हार्मोन की वजह से होम प्रेग्नेंसी टेस्ट के दौरान परिणाम सकारात्मक होते हैं। हालांकि एचसीजी का स्तर गर्भावस्था के दौरान कम-ज्यादा होते रहता है। लेकिन जब सामान्य से नीचे होता है तो यह चिंता का कारण हो सकता है। [ये भी पढ़ें: बातें जो पहली बार मां बनने जा रही महिलाओं को याद रखनी चाहिए]

ब्लिडिंग होने लगना:
महिलाओं को हर महिने ब्लिडिंग होना सामान्य होता है लेकिन गर्भावस्था के दौरान अगर ब्लिडिंग होती है तो ये चिंता का कारण हो सकती है। इस वजह से मिसकैरेज भी हो सकता है। ऐसे में बहुत सी महिलाओं को स्पॉटिंग और हल्का ब्लिडिंग होती है लेकिन अगर ब्लड में लार्ज क्लॉट्स आने लगे तो यह भ्रूण को नुकसान पहुंचने के संकेत होते हैं।

फ्लूइड डिस्चार्ज होना:
प्रेग्नेंसी के दौरान वेजाइनल डिस्चार्ज होना सामान्य है, लेकिन इसके बावजूद आपको डॉक्टर की परामर्श की जरूरत होती है। इसमें एमनियोटिक फ्लूइड भी होता है जो बच्चे को गर्भ में बचाकर रखता है। फ्लूइड का निर्वाहन बढ़ना एक संकेत है कि एमनियोटिक फ्लूइड का थैला टूट गया है और भ्रूण की वृद्धि बंद हो गई है।

अल्ट्रासाउंड में गड़बड़ी दिखना:
पहली तिमाही में ही अल्ट्रासाउंड होता है। इसके दौरान बच्चे की पोजिशन, उनका आकार और उनके विकास की जांच की जाती है। अगर अल्ट्रासाउंड में बच्चे की गतिविधि सही नहीं होती है तो डॉक्टर उनके माता-पिता को समपर्क करते हैं। [ये भी पढ़ें: स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए नींबू पानी का सेवन क्यों लाभकारी है]

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