गर्भावस्था के दौरान होने वाले पिंपल्स से कैसे निजात पाएं

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how to treat Pimples During Pregnancy by simple remedies

गर्भावस्था हर महिला के लिए एक बहुत खास और खुशनुमा पल होता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई हॉर्मोनल बदलाव आते हैं जिसकी वजह से उन्हें पिंपल्स, मुंहासों के अलावा और भी कई त्वचा संबंधी समस्याएं हो जाते हैं। इस वजह से कई बार महिलाओं को लोगों के सामने शर्मिंदगी महसूस होती है। खासकर प्रेग्नेंसी के छठ्ठे महीने में पिंपल्स आना स्वभाविक है। इस दौरान शरीर में एंड्रोजेंस का स्तर बढ़ जाता है जिसकी वजह से त्वचा पर वैक्स और ऑयल जमा हो जाते हैं और इस वजह से बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन हो जाता है। पिंपल्स की वजह से चेहरा भद्दा दिखने लगता है और महिलाएं इस वजह से परेशान रहने लगती है जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। तो आइए जानते हैं गर्भावस्था के दौरान होने वाले पिंपल्स से कैसे निजात पाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: बच्चे के स्वास्थ्य को बनाएं रखने के लिए गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए]

सेब का सिरका:
सेब के सिरका में पेक्टिन, बायोटिन और फॉलिक एसिड होता है जो त्वचा को इंफेक्शन से बचाता है और साथ ही पिंपल्स को भी दबाने में मदद करता है। ये एक तरह से त्वचा के लिए टोनर के रूप में भी काम करता है। रूई पर सेब के सिरका की कुछ बूंद लें और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इसे आपको फर्क नजर आएंगें।

शहद:
शहद नेचुरल एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है। इसमें एंटीसेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो आपके पिंपल्स और मुंहासों को ठीक करने के लिए एक बेहतर विकल्प होता है। शहद को प्रभावित हिस्सों पर लगाएं और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। इससे आपको परिणाम जल्दी नजर आएगा। [ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान खुद को खुश रखने के लिए क्या करें]

नारियल का तेल:
नारियल के तेल में एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा पर जमें बैक्टीरिया और फंगस को नष्ट करने में मदद करते हैं और साथ ही पिंपल्स को भी कम करते हैं। नारियल तेल नेचुरल मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है।

हल्दी:
हल्दी में पाए जाने वाला कुरकुमिन एक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो त्वचा पर होने वाले पिंपल्स को कम करने में मदद करता है और साथ ही त्वचा पर होने वाली खुजली और जलन को भी कम करता है। हल्दी को पानी के साथ मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे आपको जल्द फायदा होगा।

एलोवेरा:
एलोवेरा में एंजाइम्स होता है जो त्वचा को एक्फोलिएट करता है और पिंपल्स को दबाने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें सूदिंग और कूलिंग इफेक्ट भी होता है जो त्वचा के लिए राहत पहुंचाता है। [ये भी पढ़ें: सवाल जो अक्सर गर्भवती महिलाओं के मन में होते हैं]

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